जुमे की नमाज़ के बाद मुसलमानो को सिखाया गया कि – “कैसे हासिल कर सकते हो हथियार” .. वो भी सबके सामने


कही एक बहाना तो नहीं चाहिए था अपनी मंशा को सामने लाने का या उन्हें जान बूझ कर अवसर दिया जा रहा है देश को आंतरिक कलह में झोंकने का . ये वो लोग थे जो खुद को गांधी का बड़ा भक्त और गोडसे का विरोधी बताते हैं लेकिन असल में उन्होंने गांधी के सिद्धांतो को आज़ादी के पहले ही त्याग दिया था और अब उसको मूर्त रूप में साबित भी करना शुरू कर चुके हैं.. लखनऊ में जो कुछ भी हो रहा है वो किसी को भी सोचने पर मजबूर कर सकता है आने वाले समय की भयावहता को ले कर..

ये मामला है उत्तर प्रदेश का जहाँ पर योगी आदित्यनाथ के ऊपर भले ही जुबानी आरोप लगाए जा रहे हों भगवाकरण करने के लेकिन उनके ही राज्य में अब हथियारों के फार्म भरने की ट्रेनिंग दी जा रही है.. इसके लिए बाकायदा जुमे की नमाज़ का इंतजार किया गया और उसके बाद कैम्प लगाया गया जिसमे ज्यादा से ज्यादा लोगों को ये सिखाया गया कि वो किस प्रकार से हथियारों को प्राप्त कर सकता है . इसके लिए बाकायदा वकील आदि भी बुलाये गये थे जिन्होंने वहां ये ट्रेनिंग दी ..

हथियार कैसे प्राप्त करें इसका ये कैम्प ख़ास तौर पर मुस्लिमों के लिए लगाया गया था जिसको नाम दिया गया था ट्रेनिंग कैम्प.. यहाँ आने वाले एक एक मुस्लिम को विधिवत सिखाया गया कि किस प्रकार से हथियारों का फार्म भरना है और उसको हासिल करना है . ट्रेनिंग का ये कैम्प लखनऊ की नामी टीले वाली मस्जिद में लगाया गया था ..इस कैम्प के आयोजक अब तक हिन्दुओ में सेकुलर के रूप में जाने जाने वाले इमाम फजलुल मन्नान ने करवाया था जिसमे वकील महमूद प्राचा ने दी हथियारों के फार्म भरने की विधिवत ट्रेनिंग..


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