महिला-पुरुष के साथ खाना न खाने के फतवे पर राष्ट्रीय महिला आयोग सख्त,, फतवा देने वाले को नोटिस भेज कर मांगा जवाब.. कहा- बेकार और गैरजरूरी है फतवा

इस्लामिक तालीम का सबसे बड़ा केंद्र माना जाने वाला दारुल उलूम देवबंद अपने अजीबोगरीब फतवा को लेकर एक बार से चर्चा में आ गया है. देवबंद का ये फतवा किसी सामारोह आदि में महिला और पुरुष के साथ खाना खाना खाने को लेकर है. इस फतवे में देवबंद ने कहा है कि महिला और पुरुष को साथ खाना नहीं खाना चाहिए क्योंकि ये इस्लाम में हराम है तथा बड़ा गुनाह है. देवबंद के इस फतवे पर विवाद खड़ा हो गया है तथा राष्ट्रीय महिला आयोग ने देवबंद को नोटिस जारी कर जबाव माँगा है.

खबर के मुताबिक़, राष्ट्रीय महिला आयोग ने देवबंद के इस फतवे पर कड़ी आपत्ति जताते हुए दारुल उलूम से न सिर्फ जवाब तलब किया है, बल्कि उसके फतवे को अपमानजनक और अस्वीकार्य बताते हुए खारिज भी कर दिया है. राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने देवबंद के उस मौलवी की भी सख्त आलोचना की है, जिसने कथित रूप से कहा था कि जिस कार्यक्रम में पराये पुरुष शामिल हों वहां जाना और पुरुषों के साथ खाना खाना महिलाओं के लिए अच्छा नहीं है और इस्लामी कानून में यह मनाही और पाप है.

फतवे को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने दारुल उलूम इस्लामिया स्कूल के वाइस चासंलर अब्दुल कासिम नोमानी को पत्र लिखकर फतवे पर उनसे स्पष्टीकरण भी देने को कहा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दारुल उलूम देवबंद ने फतवे में शादी-विवाह जैसे सार्वजनिक समारोहों में महिलाओं और पुरुषों के साथ खाने को नाजायज और अनैतिक करार दिया है. देवबंद ने इसे महिला और पुरुष दोनों के लिए ही पाप बताया है तथा कहा है कि ऐसी जगह महिला और पुरुषों को साथ खाना नहीं खाना चाहिए.

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