इस्लामिक आतंक का क्रूरतम प्रमाण बनी वो कब्रे. जो है एक बड़े नरसंहार की गवाही

आईएस की बर्बरता से तो पूरी दुनिया अच्छी तरह से वाकिफ है। आईएस इस्लामिक कट्टरपन्ति के नाम पर अब तक न जाने कितने मासूमो और बेगुनाहो की जाने

ले चूका है। हर जगह बस आईएस अपनी ही हुकूमत चाहता है। अपनी दहशत को ये दुनिया के हर एक कोने तक फैलाने में लगा हुआ है। हर कोई इसके नाम से

ही काँप जाता है। आये दिन आईएस अपनी धमकी भरी वीडियो डालता ही रहता है।

इतना ही नहीं इस्लामिक स्टेट कहे जाने वाले आईएस ने एक बच्ची की

ज़िन्दगी से रंगो को ही छीन लिया। जब वो इन हैवानो की गिरफ्त से आज़ाद हुई तो रंगो के मायने ही भूल चुकी थी। उसके लिए बाहरी दुनिया में आना एक सपने

से कम नहीं था। इतनी हैवानियत फैलाने के बाद भी इनके कदम रुक नहीं रहे है।

अब आईएस का शिकार बना अफगानिस्तान जहां पर सामूहिक कब्र मिली जिसमें एक साथ 40 शव दफन किए गए थे।

इस सामूहिक कब्र का खुलासा किया

अफगान सुरक्षा बलों ने और बताया कि इस मामले में इस्लामिक स्टेट (आईएस) व तालिबान संगठन का हाथ है। बीते 16 अगस्त को यह शव ओलांग जिले में

बरामद हुए और इस मामले की छानबीन शुरू हो गयी। सूत्रों से पता चला है कि दो हफ्ते पहले मिर्जा ओलांग जिले पर कब्जे के दौरान 50 से ज्यादा नागरिकों की

हत्या कर दी थी। जिन आतंकवादियों ने ओलांग जिले पर हमला किया वो आईएस व तालिबान संगठन के प्रति वफादार थे।

इस मामले के सामने आने पर आईएस ने नरसंहार की जिम्मेदारी ली है और एक बयान में कहा कि उसके लड़ाकों ने जिले में 54 लोगों की हत्या की।

आईएस को

अपने किये हुए पर कभी कोई अफ़सोस नहीं होता और वो सबके सामने खुलकर अपने अपराध की हामी भरते है। जब धमकी देते हुए इन्हे कोई समस्या नहीं होती

तो हत्या के आरोपों से भी कोई दिक्कत नहीं होती। इनका मकसद ही दहशत फैलाना होता है। अब चाहे इसके लिए कुछ भी क्यों न करना पड़े।

लेकिन वही दूसरी ओर आतंक फैलाने से पीछे न हटने वाला तालिबान ने इस रक्तपात में शामिल होने से इनकार किया है। ऐसा हो ही नहीं सकता की ऐसे मामलो

में आईएस के साथ साथ तालिबान का हाथ न हो। जबकि लोगो ने कहा कि तालिबान व आईएस आतंकियों ने संयुक्त रूप से मिर्जा ओलांग पर हमला किया और

मानवता के खिलाफ अपराध किया।

सूत्रों से पता चला है कि मारे गए लोगों में ज्यादातर को गोली मारी गई है, कुछ का सिर कलम किया गया है।

सैन्य कमांडर जनरल अमानउल्ला मोबीन ने मीडिया से कहा, सुरक्षा बल मिर्जा ओलांग को विद्रोहियों से खाली कराने में सफल रहे और वहां फिर से सरकार का

नियंत्रण बहाल किया। अब ओलांग को सरकारी बलों ने विद्रोहियों से मुक्त करा लिया है। देश भर की आवाम ने इस दर्दनाक हादसे की निंदा की। हर कोई आतंक

फैलाने वाले इन इस्लामिक स्टेट (आईएस) व तालिबान संगठन से छुटकारा पाना चाहता है।

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