औरंगजेब के बाद कत्ल हुआ एक और देशभक्त का. राष्ट्रभक्ति की सजा मिली मौत के रूप में कांस्टेबल सलीम को. फारुख अब्दुल्ला की लच्छेदार बयान को चरमपंथ की चुनौती

चरमपंथ को बढ़ावा देने वालों की देन है ये, ये उनका किया धरा है जो आतंकियों को फलने फूलने का मौका अपने बयानों और अपने प्रदर्शनों से दे रहे हैं . दुर्दांत आतंकियों के लिए जिस प्रकार से रात में अदालतें खुलवाई जा रही थी और उन्हें मासूम और बेचारा भटका इंसान बताने की कोशिश हो रही है तथाकथित धर्मनिरपेक्षता के नाम पर उसके चलते ही ये दिन देखने को मिल रहे सहिष्णु समाज को . अभी कल ही फारुख अब्दुल्ला ने संसद में बड़ी बड़ी बातें की और कश्मीर में सक्रिय तमाम चरमपंथी आतंकियों की जिम्मेदारी जैसे लेते दिखे लेकिन आज उन्ही के बयान को मिली है चुनौती उन्ही कश्मीर के आतंकियों द्वारा . 

विदित हो कि ठीक औरंगजेब के अंदाज़ में एक और कश्मीर के मुस्लिम पुलिस वाले को मिली है देशभक्ति की सजा और आतंकियों ने उतार दिया उसे मौत के घाट . इस से पहले भी कई बार आतंकियों ने कश्मीरी युवको को सेना और पुलिस आदि से दूर रहने का फरमान दिया था . लेफ्टिनेंट उमर फैयाज़ , औरंगजेब जैसे वीरों के बलिदान के बाद अब एक और कांस्टेबल सलीम शाह चल दिया है वीरगति की राह पर ..जम्‍मू-कश्‍मीर के कुलगाम इलाके में आतंकियों ने पुलिस के ट्रेनी कॉन्‍स्‍टेबल सलीम शाह का दुस्साहसिक रूप से अपहरण कर लिया था .कॉन्‍स्‍टेबल सलीम शाह इन दिनों छुट्टियों में अपने घर आए हुए थे.

वहीं, इस आतंकी वारदात की सूचना मिलते ही जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस, सीआरपीएफ और भारतीय सेना के जवानों की संयुक्‍त टीम ने कॉन्‍स्‍टेबल सलीम की सुरक्षित वापसी के लिए सघन तलाशी अभियान शुरू किया था और सुरक्षाबलों ने संयुक्‍त टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर डोर टू डोर सर्च ऑपरेशन चला रही थी लेकिन आखिरकार वो तमाम कोशिशे बेकार गयी और अब मिली है जांबाज़ सलीम शाह की लाश .. कॉन्‍स्‍टेबल मोहम्‍मद सलीम दक्षिण कश्‍मीर के कुलगाम जिले के अंतर्गत आने वाले मुतालहामा गांव के रहने वाले थे  कॉन्‍स्‍टेबल मोहम्‍मद सलीम का बीते कुछ महीनों पहले जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस में बतौर कॉन्‍स्‍टेबल चयन हुआ था.

फिलहाल, उनकी कठुआ स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण चल रहा था.   सलीम शाह की लाश कैमोह के एक घाट पर बरामद की गयी है . सलीम शाह के लिए हुर्रियत ने किसी बंद का एलान नहीं किया . सलीम शाह की मौत के बाद कहीं कर्फ्यू नहीं लगाना पडा है और न ही इसके विरोध मेकहीं पत्थरबाजी हो रही है . सलीम शाह की हत्या का जिम्मेदार उन्ही के आस पास का कोई आतंकियों का स्लीपर सेल बताया जा रहा है जिसने सलीम शाह की छुट्टी आदि की सूचना आतंकियों को दी रही होगी .. 

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