लखनऊ में मारे गए आतंकी सैफुल्लाह के पिता का कड़ा रुख, बोले- देशद्रोही था बेटा, नहीं लेंगे शव’

लखनऊ : आईएसआईएस अपने लड़ाकों को कहता है कि जब वो मरते है तो 72 हूरें मिलती है। लेकिन आतंकी सैफुल्लाह को मौत के बाद 72 हूरे तो दूर उसके लिए कोई रोने वाला भी नहीं है। यहां तक की उसके परिवार वालों ने शव को लेने से भी इंकार कर दिया है।

आतंकी सैफुल्लाह के पिता सरताज ने कहा कि उसने कोई देश हित का काम नही किया है इस लिये हम उसका शव लेकर कोई नया बखेड़ा नहीं चाहते है। उनका कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने सैफुल्ला को मारा है तो कुछ सोच समझ कर ही मारा होगा। उसने कुछ गलत किया होगा।

आतंकी के पिता सरताज अहमद खान ने बताया कि सैफुल्ला ने बीकॉम तक की पढ़ाई की थी। वो अकाउंटिंग का काम सीखकर प्राइवेट काम करता था। यहां उसका मन नहीं लगता था वह सऊदी अरब जाना चाहता था। उन्होंने बताया कि सैफुल्लाह सुबह दस बजे तक घर से निकल जाता था और देर रात घर वापस लौटता था।

पूछने पर बहस करने लगता था, बस यही कहता था इतना धन कमाऊंगा कि सब देखते रह जाएंगे। वो आतिश नाम के एक लडके के साथ ज्यादा रहता था। अब वो क्या करते थे, इसके बारे में घर में कभी नहीं बताता था। इसके आगे सरताज ने बताया कि करीब तीन महीने पहले काम को लेकर मैंने उसे पीटा था, जिसके बाद वो घर से चला गया और वो अपने साथ अपना पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और अपने सारे सर्टिफिकेट भी लेकर गया था।

करीब साल भर पहले सैफुल्लाह ने एक लैपटॉप खरीदा था, लेकिन वो अपने लैपटॉप को किसी को छूने नहीं देता था। बीते 6 महीने से उसका समय अपने लैपटॉप पर ही गुजरता था। उन्होंने बताया कि सोमवार 6 मार्च को उसका फोन आया था कि उसने कहा था कि अब्बा हमें सउदी अरब का वीजा मिल गया है और मैं सउदी अरब जा रहा हूं। मगर उसके पहले हमें एक जरूरी काम करना है।

लेकिन सैफुल्लाह ने ये नहीं बताया कि वो कौन-सा जरूरी काम है।’ जब एनकाउंटर के बाद टीवी में उसका नाम सुना और फोटो देखी तो पता चला कि मेरा बेटा आतंकी बन चुका है। लखनऊ में जिस घर में सैफुल्ला एनकाउंटर में ढेर हुआ वहां करीब आधा दर्जन मोबाइल और बम बनाने का सामान मिला है। ISIS का झंडा और रेलवे का नक्शा बरामद किए गए हैं।

उज्जैन ट्रेन ब्लास्ट और लखनऊ में ढेर आतंकी सैफुल्ला के तार ISIS से जुड़े हैं। सूत्रों के मुताबिक, जो खबरें आ रही है उसमें ट्रेन ब्लास्ट करने वाले आतंकी लखनऊ से ही ट्रेन पकड़कर मध्य प्रदेश पहुंचे थे। सूत्रों को मुताबिक, इस गुट में 13 आतंकी शामिल थे, जिनमें से 6 अभी भी फरार हैं।

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