एक बार फिर से गरज उठी भारतीय सेना की बंदूकें तथा लाश में बदल गए 4 इस्लामिक आतंकी.. 1 पत्थरबाज आक्रांता भी मारा गया

जम्मू-कश्मीर में रमजान माह के दौरान लागू हुए सीजफायर समाप्ति की घोषणा होने तथा फिर महबूबा सरकार गिरने के बाद भारतीय सेना ने रौद्र रूप धारण कर लिया है तथा देश के दुशमन आतंकियों का इलाज अब सीधे गोली से किया जा रहा है.आज एक बार फिर से इस्लामिक आतंकियों ने कोशिश की घाटी को दहलाने की लेकिन मुस्तैद भारतीय फ़ौज ने तीन इस्लामिक आतंकियों को कुचल डाला तथा राष्ट्र को प्रदान की कि सेना के रहते राष्ट्र को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं नहीं है.

बता दें कि सेना को पुलवामा के एक इलाके में आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली. इस जानकारी के आधार पर सेना ने इलाके की घेराबंदी शुरु करके सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया. सेना के कुछ जवान जब एक घर के पास पहुंचे तो वहां छिपे आतंकियों ने सेना पर फायरिंग कर दी. आतंकियों की फायरिंग के बाद भारतीय फ़ौज भी एक्शन मोड़ में आ गई तथा सैनिकों ने खुद को बचाते हुए आतंकियों पर जवाबी फायरिंग की. करीब दो घंटे चली इस फायरिंग में तीन इस्लामिक आतंकी मारे गए. लेकिन सेना के इस ऑपरेशन के दौरान एक बार फिर से दोहराया गया वही जो अक्सर होता आया है. आतंकियों के समर्थन में मजहबी आक्रांताओं ने सेना पर पत्थरबाजी शुरू कर दी.

जिस दौरान सेना के जवान आतंकियों से लोहा ले रहे थे, उसी दौरान मजहबी आक्रांता भारतीय सेना पर पत्थरबाजी कर रहे थे. जिस तरह से सेना पर हजारों आक्रांताओं की भीड़ द्वारा भीषण अंदाज में पत्थरबाजी हुई उसने एक बार फिर से देश के संचालको को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पत्थरबाजी की सजा मौत क्यों न हो. लेकिन आखिर सेना कब तक सहती.. अपनी जान पर खेलकर राष्ट्र की सुरक्षा करने वाली भारतीय सेना ने जहाँ ४ दुर्दांत आतंकियों ने मार गिराया वहीं आतंकपरस्त एक उन्मादी पत्थरबाज आक्रांता भी मारा गया.

Share This Post