CRPF से घिरे आतंकियों को बचाने के लिए जवानों पर भारी पत्थरबाजी. आगे से गोली पीछे से पत्थरों में फंसे हमारे CRPF जवान

भारतीय फ़ौज के गुनाहगारों को मुक्ति दे कर यकीनन भारत सरकार की एक बहुत बड़ी गलती न सिर्फ हर दिन सामने आ रही है अपितु अब तो सीधा सेना के लिए दोतरफा मुहाने खोल दिए गये हैं जिसका एक बहुत बड़ा नज़ारा देखने को मिल रहा है . श्रीनगर में जो भी देखने को मिल रहा है वो यकीनन भारत के लाचार शासन का एक बहुत बड़ा उदाहरण हैं जिस से शायद ही सत्ता कोई सबक ले .

ज्ञात हो कि आज सुबह श्रीनगर में CRPF जवानों के कैम्प पर हुए आत्मघाती इस्लामिक हमले में हमारे एक जवान ने अपनी वीरगति से पूरे कैम्प को जम्मू वाले हादसे की पुनरावृत्ति से बचाया . इधर CRPF ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आत्मघाती आतंकियों को घेर लिए है और उनसे आमने सामने की मुठभेड़ भी शुरू कर दी . इस मुठभेड़ में CRPF आतंकियों के खात्मे के बेहद करीब ही थी कि अचानक आतंक के समर्थको अर्थात पत्थारबाजो की इंट्री हो जाती है . 

अभी ताजा जानकारी के अनुसार CRPF की टुकड़ी पर भारी पत्थरबाजी की जा रही है .जवानों के लिए दो मोर्चे जैसे खुले दिख रहे हैं जहाँ एक तरफ गोलियां बरसाते हुए आतंकी है तो दूसरी तरफ पत्थर बरसाते हुए पत्थरबाज हैं . उनके पीछे वो तथाकथित मानवाधिकार वाले हैं जिन्होंने एक प्रकार से ऐसे देशद्रोहियों को खुली छूट का लाइसेंस दे रखा है . ऐसे ही मामले के बाद सेना ने गोली चला दी थी जिसमे बाद में मेजर आदित्य के पिता को अपने बेटे को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा क्योकि ये तथाकथित धर्मनिरपेक्ष समाज उनके पीछे हाथ धो कर पड़ गया था . फिलहाल CRPF अभी दोनों मोर्चो पर लड़ कर आतंकियों के ख़त्में के प्रयास कर रही है . भारी पत्थरबाजी को रोकने के लिए पावा शेल का प्रयोग और आंसू गैस के गोले आदि फेंके जा रहे हैं . मुठभेड़ में शामिल जवानों की मदद के लिए अतिरिक्त टुकडियां भेजी गयी हैं . 

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