अचानक बदल गया कश्मीर का माहौल… दबोच लिया गया आतंकी यासीन मालिक

जम्मू-कश्मीर में महबूबा सरकार गिरणके बाद राज्यपाल शासन लगते ही देश को तोड़ने की वकालत करने वालों पर कार्यवाही शुरू कर दी गई है. महबूबा सरकार गिरने के साथ ही कश्मीर का माहौल अचानक से बदल गया है तथा खबर के मुताबिक, कश्मीर को भारत  से अलग करने की वकालत करने वाला आतंकी जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष यासीन मलिक को जम्मू कश्मीर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. राज्य में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद अलगाववादियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है. गृह मंत्रालय के आंकड़ों की मानें तो रमजान के दौरान संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद आतंकी घटनाओं में 265 फीसदी का इजाफा हुआ है, अतः अब आतंकियों के साथ उनको पालने पोषने वालों पर  भी कड़ी कार्यवाही की जाएगी.

गौरतलब है कि आतंकी यासीन मलिक ने घाटी में मारे गए पत्थरबाजों की हत्या के खिलाफ धरना प्रदर्शन का आह्वान किया था. लेकिन यासीन मलिक भूल गया था कि राज्य में अब महबूबा सरकार नहीं बल्कि राजयपाल की सत्ता है. गुरुवार सुबह पुलिस आतंकी यासीन के आवास पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया. सूत्रों के अनुसार आतंकी घटनाओं के पीछे कट्टरपंथी ताकतों के हाथ होने को एक बड़ी वजह माना जा रहा है. भाजपा महासचिव राम माधव ने पीडीपी से समर्थन वापस लेने की घोषणा करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात का जिक्र किया था. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और अलगाववादी नेताओं पर कार्रवाई करते हुए या तो उन्हें नजरबंद कर दिया जाएगा या फिर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा.
बता दें कि 28 जून से अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है। ऐसे में किसी भी आतंकी हमलों की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबलों को सतर्क किया जा चुका है. सेना को भी उम्मीद है कि स्थानीय नेताओं का दबाव खत्म होने से स्थानीय पुलिस ज्यादा सक्रियता के साथ आतंकवाद विरोधी गतिविधियों में सेना का साथ दे सकेंगे. घाटी में ज्यपाल शासन लागू होने से पुलिस बिना किसी राजनीतिक प्रभाव के अब बेहतर स्थिति में है.


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