Breaking News:

नारी के नाम पर कलंक मानी जाती है वतन की वो गद्दार.. जो उगल रही तमाम पाप NIA की कस्टडी में

कश्मीर की एक महिला जिसे हिन्दुस्तान का दुशमन हाफिज सईद अपनी बहन कहता है, जो हिंदुस्तान से तमाम संवैधानिक सुविधाएँ लेती है हिन्दुस्तान की हवा में सांस लेती है, हिन्दुस्तान का खाती है लेकिन अफ़सोस हिन्दुस्तान की ही खिलाफत करती है. लगातार हिन्दुस्तान विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के बाद भी आज तक कोई भी सरकार इस गद्दार महिला से पूंछताछ तक न कर सकी लेकिन मोदी सरकार आने के बाद इस गद्दार महिला की गार्डन NIA ने दबोच ली है तथा अब वह NIA की कस्टडी में सारे राज उगल रही है.

कश्मीर की अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी को दिल्ली की एक अदालत ने 10 दिन के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में सौंपा है. एनआईए अधिकारी फिलहाल अंद्राबी और उनकी दो सहायकों- सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन के पूछताछ कर रही है. आसिया अंद्राबी का संगठन दुख्तरान ए मिल्लत (देश की बेटियां) हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से जुड़ा महिला धड़ा है. 56 वर्षीय अंद्राबी पर देश के खिलाफ जंग छेड़ने का आरोप है और भारत सरकार ने उसके संगठन को प्रतिबंधित कर रखा है. अंद्राबी ने कई बार हाफिज सईद का खुला समर्थन भी किया है. एनआईए के अधिकारी के मुताबिक, आसिया ने पिछले साल टेलीफोन पर हाफिज सईद को संबोधित किया था. इस दौरान हाफिज उन्हें बहन कहकर बुला रहा था.’

ऐनआईए के अधिकारी के मुताबिक, अंद्राबी खुलेआम भारत विरोधी ट्वीट्स करती रही हैं. उसके ट्विटर हैंडल पर करीबी नजर डालने पर वहां उनके फॉलोअर्स में कई लश्कर आंतकी दिखे. इनमें से कुछ कश्मीर घाटी में सक्रीय हैं, वहीं कुछ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में छुपे बैठे हैं. उन्होंने बताया कि उर्दू में किए अंद्राबी के ट्वीट्स का अनुवाद कराया जा रहा है. अंद्राबी के खिलाफ तैयार किए जा रहे डोजियर में इसे सबूत के तौर पर पेश किया जा सकता है.आसिया अंद्राबी पर हर 14 अगस्त पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर श्रीनगर में पाकिस्तानी झंडा फहराने, घाटी में लड़कियों को सुरक्षाबलों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के लिए भड़काने सहित कई मामले दर्ज हैं.

कश्मीर घाटी की युवा छात्राओं पर अंद्राबी का खासा असर माना जाता है. बताया जाता है कि साल 2016 में हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहानी वानी की सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मौत के बाद घाटी में उसी के उकसावे पर छात्राओं ने सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की थी.एनआईए अधिकारियों के मुताबिक, आसिया की इन हरकतों की वजह से उसे कई बार नजरबंद किया गया, लेकिन फिर भी वह खुलेआम पाकिस्तान में बैठे भारत विरोधी ताकतों का साथ देती रही. अधिकारियों का कहना है कि इस बार उनके पास आसिया के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं कि उसने कई कॉलेज छात्राओं को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन और पत्थरबाजी के लिए उकसाया. 

आसिया ने बायोक्रेमेस्ट्री से ग्रैजुएशन और अरबी से पोस्टग्रैजुएशन किया है. 1990 में उसकी हिज्बुल मुजाहिदीन के संस्थापकों में शामिल डॉ. कासिम फक्तू से शादी हुई थी. सुरक्षाबलों ने 1993 में फक्तू को गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद से वह जेल में ही बंद है.

Share This Post