निर्दोषों का खून बहाकर जन्नत पाने की आस अब आस ही रह जाएगी क्योंकि सेना नहीं देगी आतंकियों की लाश.. पूरा देश बोला मोदी जी शाबाश

जम्मू-कश्मीर में महबूबा सरकार गिरने के बाद जब राज्यपाल शासन लागू किया गया तभी ये उम्मीद जताई जा रही थी कि कुछ हो या न हो लेकिन अब घाटी को लहूलुहान करने वाले दुर्दांत इस्लामिक आतंकियों के खिलाफ अब सुरक्षा बल कहर बनकर टूटेंगे. इसी बीच जहाँ केंद्र की मोदी सरकार ने आतंकियों के खिलाफ ऑपेरशन तेज़ करने का निर्देश सुरक्षा बलों को दिया है, वहीं इसके साथ ही कश्मीर घाटी में सुरक्षा ऑपेरशन की रणनीति में बड़े बदलाव प्लान किया गया है. सुरक्षा महकमे के बड़े सूत्रों के मुताबिक़ ख़बर ये है कि कश्मीर घाटी में आतंकियों की स्थानीय भर्ती अभियान पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाने पर विचार हो रहा है तथा ऐसी योजना बनाई जा रही है आतंकियों के समर्थकों पर वज्र की तरह प्रहार करेगी.

सूत्रों के हवाले से जानकारी मिल रही है कि केंद्र सरकार ने सुरक्षा बलों से विस्तार से चर्चा कर इस बात का निर्णय लिया है कि कश्मीर घाटी में लश्कर जैश और हिजबुल के टॉप कमांडर के मारे जाने पर उनके शव को उनके परिवार नहीं सौपा जाएगा. इसकी जगह पर ऑपरेशन के दौरान ढेर किए गए आतंकियों को अंजान जगह पर दफन करने पर विचार हो रहा है यानि बड़े आतंकी अन मार्क ग्रेव में दफन किये जायेंगे. गौरतलब है कि आतंकी कमांडरों के जनाजे में बड़ी संख्या में स्थानीय युवा शामिल होते है. जहां पर हथियारबंद आतंकी कमांडर भड़काऊ तक़रीरें करते है और युवाओं को जेहाद के नाम पर भड़जाते हैं. युवाओं का ब्रेनवॉश करके आतंकी कमांडर अलग अलग उन्हें अपनी तंज़ीम में शामिल करते है. आपको बता दें कि ख़ुफ़िया एजेंसी ने हाल में सरकार को एक रिपोर्ट दी थी कि कश्मीर घाटी में आतंकी जनाज़ों में आतंकी भर्ती का अभियान धड़ल्ले से चलता है, जिसमें, लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन है.

इसके अलावा एक और फैसले कि जानकारी मिली है जिसके मुताबिक आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों के ऑपेरशन में अड़ंगा डालने वाले पथ्थरबाज़ों से अब कोई रियासत नहीं होगी.
सूत्रों ने ये साफ किया है कि पत्थरबाज़ों के पकड़े जाने पर उनके साथ कोई कानूनी रियायत नहीं होगी पर चाहे वो पहली बार पत्थरबाज़ी में शामिल होंगे, इसके साथ ही किसी पत्थरबाज से मुक़दमा भी नहीं हटेगा. ऐसे पत्थरबाज़ों को सरकारी कर्मचारियों और सुरक्षा बलों पर हमले के तहत कानूनों में मुकदमा चलेगा. हालाँकि केंद्र सरकार ये भी जानती है कि ऐसा करने से देश के तथाकथित मानवतावादी लोग इसके खिलाफ खड़े हो जायेंगे तथा फैसले के खिलाफ तमाम दलीलें देंगे लेकिन केंद्र ने साफ़ कर दिया है कि ऐसी आलोचनाओं की परवाह किये बिना आतंकियों कि कमर तोड़ने के लिए जो भी करना पड़ेगा, किया जायेगा. मोदी सरकार के इस फैसले के बाद सम्पूर्ण देश एक सुर मेंमोदी सरकार तथा भारतीय सेना की तारीफ कर रहा है तथा सैल्यूट कर रहा है.

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