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पहली बार किसी ने गर्दन दबोची है नागिन से भी जहरीली आसिया अंद्राबी की.. कश्मीर की ठण्डक के बजाय दिल्ली की गर्मी में वो उगल रही सब कुछ

काफी वर्षों से कश्मीर को अपनी जहर से डसती आ रही महिला अलगाववादी आसिया अंद्राबी की गर्दन पहली बार दबोची गई है मोदी सरकार में तथा सामने आया ही उसका वो सच जिससे देश अभी तक अनजान था. आसिया अंद्राबी जो हमेशा कश्मीर घाटी में जहर फैलाती रही लेकिन आज तक उससे पूंछताछ तक न की गई. लेकिन शायद जिन उम्मीदों के साथ देश ने नरेंद्र मोदी जी को राष्ट्र की सत्ता सौंपी थी, मोदी सरकार उन आशाओं, अपेक्षाओं को पूरा करने की और अग्रसर है और इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर की अलगाववादी नेता और दुख्तरान-ए मिल्लत की चीफ आसिया अंद्राबी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार कर लिया है. आसिया के साथ उसकी दो सहयोगियों नाहिदा नसरीन और सोफी फहमीदा को भी एनआईए ने दबोच लिया है. एनआईए इन तीनों पाकिस्तान परस्त कश्मीरी अलगाववादियों को श्रीनगर की जेल से दिल्ली ले आई है.

आपको बता दें कि आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच वाली देश की एजेंसी एनआईए ने आसिया अंद्राबी और उसकी दोनों सहयोगियों को देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया है. इसी साल मई में आसिया और उसकी सहयोगियों पर केस दर्ज किया गया था. हालांकि, कश्मीर में होने वाली टेरर फंडिंग से लेकर पत्थरबाजी के महिलाओं को उकसाने, नफरत भरे भाषण देने और आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोपों में भी आसिया के खिलाफ केस दर्ज हैं. खबर के मुताबिक़, महिला अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की नेता आसिया अंद्राबी को लेकर एनआईए ने सनसनीखेज दावे किए हैं. एनआईए ने कोर्ट को बताया है कि आसिया के संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत के सदस्यों के पास से मिले मोबाइलों की जांच में पाया गया है कि वे लगातार पाकिस्तान के अपने आकाओं के संपर्क में थे और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल थे, जिसके बाद दिल्ली की एक अदालत ने आसिया अंद्राबी और दो अन्य कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को 10 दिन के लिये राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में आज सौंप दिया.

खबर के मुताबिक़, NIA ने कोर्ट को बताया कि अबतक की जांच में पाया गया है कि आरोपी आसिया अंद्राबी, सोफी फहमीदा और नहीदा नसरीन साजिश कर भारत की एकता और अखंडता के खिलाफ गतिविधियों में शामिल थीं. एनआईए ने कहा कि आसिया और उनके सहयोगी साइबरस्पेस पर पाकिस्तान के समर्थन में कैंपेन चला रहे थे. और इनकी तरफ से आतंकियों को भी मदद दी जा रही थी. दरअसल, तीनों को श्रीनगर से दिल्ली लाया गया था और जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम बांबा के समक्ष पेश किया गया. उन्होंने एजेंसी की अर्जी मंजूर कर ली कि प्रतिबंधित संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की मुखिया से कश्मीर घाटी में घृणा फैलाने वाला भाषण देने के सिलसिले में पूछताछ किये जाने की जरूरत है. आपको बता दें कि ये पहला मौका होगा जब आसिया अंद्राबी से पूछताछ होगी. गौरतलब है कि कश्मीर में सुरक्षाबलों के खिलाफ महिलाओं को पत्थरबाजी के लिए उकसाने में आसिया का अहम रोल माना जाता है. साथ ही इस पाकिस्तान परस्त नेता को महिलाओं के रोल मॉडल के तौर पर भी पेश किया जाता है. अपने नफरत भरे भाषणों से आसिया अंद्राबी भारत के खिलाफ लड़ाई का झंडा बुलंद करती है.

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