हिन्दू बहुल क्षेत्रों से भी निकलने शुरू हुए आतंकी.. कश्मीर में कोहराम

वो हिन्दुस्तान में रहता था, हिन्दुस्तान की हवा में सांस लेता था, हिन्दुस्तान का ही खाता था तथा हिन्दुस्तान से हर वो सुविधा लेता था जो चाहिए थी. लेकिन इस सबके बाद भी उसके दिल में हिन्दुस्तान के लिए मोहब्बत नहीं बल्कि हिन्दुस्तान के प्रति नफरत भरी थी. फिर एक दिन उसने शपथ ली कि वह हिन्दुस्तान को तबाह कर देगा. इसके बाद उसने बंदूक उठाई तथा इस्लामिक आतंकी संगठन लश्कर ए तोइबा में शामिल हो गया. ख़ास बात ये है कि देश मैं थ्योरी गढ़ी जाती रही कि आतंक का कोई धर्म नहीं होता लेकिन आबिद हुसैन ने इंशाअल्लाह बोलकर हिन्दुस्तान को तबाह करने के इरादे से बंदूक उठाई है.

आपको बता दें कि इस्लामिक आतंकी दल लश्कर ए तोइबा में शामिल होकर भारत की बर्बादी करने की शपथ लेने वाला आबिद हुसैन भट जो कि जम्मू कश्मीर राज्य के डोडा के सजान गाँव का निवासी है अचानक घर से गयाब हो गया था और जानकारी के मुताबिक उसने ने एक जुलाई से लश्कर ए तोइबा का हाथ थाम लिया है.इस बात का खुलासा तब हुआ जब आबिद का एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें उसने बंदूक उठा रखी है. वायरल हुई फ़ोटो पर ही उर्दू में कुछ और भी लिखा हुआ है जबकी उसके नीचे 1/7/2018 की तारिख लिखी हुई है और ये वही तारीख है जिस दिन वो आतंकी बना था.

आपको बता दें कि पुलिस ने इस संदर्भ मे मामला दर्ज कर लिया है जबकी सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को बड़ी गंभीरता से जांच रही है कि आखिर डोडा में बैठे इस युवक का संपर्क लश्कर से कैसे हुआ और कही लश्कर के स्लीपर सेल इलाके में सक्रिय तो नही है जो आतंकी भर्ती कर रहे है. वही इस मामले में अबतक सबसे ज्यादा संदेह सोशल मीडिया पर जाता है दिख रहा है क्यूँकि एजेंसिया खुद इस बात को बार बार मानती रही है कि आतंकी सोशल मीडिया के सहारे युवाओ तक पहुंच उन्हें बरगला कर आतंकी बना रहे है.

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