आतंकियों का भविष्य बताया देश के सेनापति ने.. ऐसा संकल्प जिससे झूम उठा देश

हिन्दुस्तान की पावन भूमि को लहूलुहान करने का नापाक सपना पाल रहे इस्लामिक आतंकियों के खिलाफ एक बार फिर से दहाड़ उठे हिन्दुस्तानी सेना के सेनापति जनरल विपिन रावत जी तथा बता दिया आतंकियों को उनका भविष्य. देश के सेनापति ने आतंकियों के लिए लिया है ऐसा संकल्प जिसे सुन खुशी से झूम उठा है पूरा राष्ट्र तथा सैल्यूट कर रहा है भारतीय सेना तथा सेना प्रमुख को. सेना प्रमुख ने साफ़ कर दिया है कि कश्मीर में सेना का मकसद आतंकियों को मारना ही है.

सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने कहा कि सेना का मुख्य मकसद घाटी में हिंसा और अशांति फैलाने वाले आतंकियों को मार गिराना है. जनरल रावत ने कहा कि कौन क्या कहता है हमें इससे फर्क नहीं पड़ता लेकिन हमारा मुख्य काम आतंकियों को मार गिराना है जो हम कर रहे हैं तथा ऐसे ही आगे भी करते रहेंगे. इसके अलावा सेना प्रमुख ने ये भी कहा कि ऐसे आम कश्मीरियों को बिलकुल परेशान नहीं किया जाता, जो हिंसक घटनाओं में शामिल नहीं हैं लेकिन सेना सख्त नियमों का पालन करते हुए अभियान चलाती है. स्थानीय कमांडर सैनिकों को अभियान चलाने के दिशा-निर्देश देते हैं. कुछ प्रायोजित रिपोर्ट्स सामने आती रहती हैं जिसमें कहा गया है कि सेना और सुरक्षा बल कश्मीर में वीभत्स अभियान चला रहे हैं. ऐसी रिपोर्ट्स पूरी तरह से गलत और सच्चाई से दूर हैं तथा भारतीय सेना इस खबरों को पूरी तरह से खारिज करती है तथा वह साफ़ कर देना चाहते हैं कि ऐसी कोई भी रिपोर्ट सेना को उसके अभियान से रोक नहीं सकेगी तथा आतंकियों को ऐसे ही मार गिराती रहेगी.

जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने के कई दिन बाद सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि घाटी में आतंकियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में आम लोगाें को परेशान नहीं किया जाता है.  दरअसल, जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर भारतीय सेना निशाने पर है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है. कांग्रेस ने भी सेना पर मानवाधिकार हनन के आरोप लगाए थे. सेना प्रमुख ने कहा कि अगर आतंकी देश पर हमला करने आएंगे तो सेना उनका स्वागत बंदूक की गोलियों से करेगी तथा सेना के अभियान जो भी सेना पर हमला करेगा, पत्थर फेंकेगा तो सेना चुप नहीं बैठेगी.

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