पत्थर का जवाब मिला गोलियों से .. कुलगाम में सेना ने सदा के लिए सुला दिए 3 पत्थरबाज

ये वो मांग थी जो उठ रही थी राष्ट्र के हर कोने से .. हथियारों से सुसज्जित एक जवान क्या पत्थर खाने के लिए कश्मीर में भेजा गया है ?  इस सवाल को ले कर बवाल करते जा रहे थे राष्ट्रवादी विचारधारा के लोग .. सुदर्शन न्यूज ने भी बिंदास बोल में मांग की थी पत्थरबाजों व आतंकियों के एक जैसे दंड की .. और वो आखिरकार दिखने भी लगा है , सेना के एक एक्शन से मुस्करा उठा है राष्ट्र ..
जम्‍मू-कश्‍मीर के कुलगाम में शनिवार को सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए संघर्ष में सेना की गोली लगने से तीन आतंक परस्त पत्थरबाजों की मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में सेना को भी फायरिंग करनी पड़ी। फायरिंग के दौरान कई लोग घायल भी हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए दक्षिण कश्‍मीर में इंटरनेट सेवा को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। महिला आतंकी आसिया अंद्राबी के खिलाफ सरकार के एक्शन के बाद अचानक कुछ पत्थरबाज सड़को पर उतर आए। प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को जब सेना ने रोकना चाहा तो उन्‍होंने सेना पर पथराव शुरू कर दिया।
देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सेना को फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें तीन युवाओं की मौत हो गई। मरने वालों में शकीर अहमद (22), इरशाद माजिद (20) और अनदलीब (16) की मौत हो गई। फायिरंग में कई लोगों के घायल होने की भी सूचना है। हिंसा को देखते हुए दक्षिण कश्‍मीर में इंटरनेट सेवा पूरी तरह से बंद कर दी गई है और फौज की टुकड़ियों की गश्त बढाते हुए ऐसे मामलो से आगे भी निबटने की रणनीति बनाई जा रही हों ..
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