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कश्मीर पर देशद्रोह दिखाने वालों ने अब दिल्ली में भी किया देशद्रोह.. वीर सावरकर के अपमान पर भड़क उठा देशभक्त समाज

सभी को याद होगा कि 5 अगस्त को गृहमंत्री अमित शाह ने जब राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर राज्य से धारा 370 हटाए जाने का एलान किया तो कांग्रेस, वामदल सहित कई विपक्षी पार्टियाँ इस फैसले के खिलाफ तनकर खड़ी हो गईं थी. ये पार्टियाँ सिर्फ जम्मू कश्मीर राज्य से धारा 370 हटाए जाने का विरोध ही नहीं कर रही थीं बल्कि उसी तरह के बयान दे रही थी, जिस तरह की बयानबाजी आतंकी मुल्क पाकिस्तान कर रहा था, जो सीधा सीधा देशद्रोह ही था.

कश्मीर पर देशद्रोह दिखाने वाले ये लोग यहीं तक नहीं रुके हैं बल्कि इस बार उन्होंने अमत हुतात्मा तथा स्वंतन्त्रता संग्राम सेनानी भारतमाता की जांबाज सपूत वीर सावरकर का अपमान किया है. खबर के मुताबिक़, खुद को आजादी का ठेकेदार बताने वाली कांग्रेस तथा 1962 के भारत-चीन युद्ध में चीन का साथ देने वाले वामदलों के छात्र संगठनों नेदिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस में स्थापित की गई वीर सावरकर की मूर्ति पर कालिख पोत दी. NSUI तथा AISA के कार्यकर्ता यहीं तक नहीं रुके बल्कि इसके बाद उन्होंने वीर सावरकर की मूर्ति पर जूतों की माला भी पहना दी.

बता दें कि DU कैपंस में वीर सावरकर की इस प्रतिमा को अभी दो दिन पहले ही एबीवीपी छात्रों ने लगवाया था. ABVP द्वारा वीर सावरकर की इस मूर्ति को लगाए जाने का कांग्रेस की छात्र ईकाई एनएसयूआई ने विरोध किया था. NSUI के साथ ही वामपंथी छात्र संगठन भी वीर सावरकर की मूर्ति लगाये जाने का तीव्र विरोध कर रहे थे. इसके बाद कल रात्री NSUI तथा AISA के सदस्यों ने मिलकर सावरकर की मूर्ति पर कालिख पोत दी है, साथ ही मूर्ति को जूतों की माला पहना दी है.

NSUA तथा AISA द्वारा अमर हुतात्मा वीर सावरकार जी की मूर्ति पर कालिख पोतने तथा जूतों की माला पहिनाए जाने के बाद राष्ट्रभक्तों का आक्रोश भड़क उठा है. देशभर के तमाम हिन्दू संगठन तथा देशभक्त सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वीर सावरकार जी के अपमान के विरोध में कांग्रेस तथा वामपंथी दलों के खिलाफ हल्ला बोल की चेतावनी दी है. राष्ट्रभक्तों का कहना है कि अगर सावरकर जी का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्यवाई नहीं की गई तो वह सड़क पर विरोध करने को मजबूर होंगे.

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