बन रही है हलाला पर फिल्म जिसे बना रहा एक मुस्लिम कलाकार

देश में चंद मजहबी ठेकेदारों ने मजहब का ठेका ले रखा है और वो चाहते है कि एक एक मुसलामन उनकी कही बातों को माने और उन्ही के कहे अनुसार चले. इसीलिए जब भारत सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के हीत में फैसला लिया और जब तीन तलाक़ पर रोक लगा दी तो ये सारे मजहबी ठेकेदार एक सुर में भारत सरकार के खिलाफ खड़े हो गये. इनको कैसे बर्दास्त हो सकता था की इनकी हाथों की कठपुतली बनी रहने वाली मुस्लिम औरते इनके चंगुल से आजाद हो जाए.

तीन तलाक़ के बाद एक और मुद्दा है जो मुस्लिम बहनों को पीड़ित कर रही है वो है हलाला. अब उस हलाला की हकीक़त को बयान कर रही है नवजुद्दीन सिद्दीकी की नई फिल्म ‘मियां कल आना’.

आपको बता दे कि नवाजुद्दीन सिद्दीकी एक्टर से प्रोड्यूसर बन चुके हैं, और उनकी प्रोड्यूस की गई पहली शॉर्ट फिल्म दुनिया भर के 23 इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स और दस पुरस्कार जीतने के बाद अब यूट्यूब पर वायरल हो रही है.

नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बतौर प्रोड्यूसर फिल्म ‘मियां कल आना’ को 18 जनवरी को यूट्यूब पर रिलीज किया गया. फिल्म की कहानी मुस्लिम समाज में व्याप्त हलाला की प्रथा को निशाना बनाकर बनाई गई है, जिसमें इस प्रक्रिया से गुजरने वाले लोगों की व्यथा को पेश किया गया है.
नवाजुद्दीन सिद्दीकी के भाई शमास नवाब सिद्दीकी कहते हैं, “तीन तलाक के बाद की प्रक्रिया के दौरान मुस्लिम दंपती हलाला के तहत क्या-क्या झेलती है

और इस प्रक्रिया के रूप में मुस्लिम औरत कितनी असहाय होकर सिर्फ एक वस्तु बनकर रह जाती है, फिल्म के माध्यम से इसी बात को दिखाने की कोशिश की गई है.मियां कल आना की पृष्ठभूमि ग्रामीण होने के कारण मैंने हर तरह से इसको वहां के सांचे में ढालने की कोशिश की है. चाहे वो डायरेक्शन हो, कैमरा या कलाकारों की परफॉर्मेंस. सभी चीजों का आम जिंदगी के करीब रखने की कोशिश की गई है.” 

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