अर्बन नक्सलियों पर कार्यवाही के बाद मोदी राज में हथियारबंद नक्सलियों ने भी टेके घुटने.. 11 लाख इनामी 2 नक्सलियों ने डाले हथियार


पहला नम्बर कश्मीर के दुर्दांत आतंकियो का था जिनको दबोचने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया गया और उसमें सफलता भी मिली जब ऑपरेशन क्लीन के तहत सेना व अर्धसैनिक बलों ने कश्मीर में ढेर कर दिया आतंक के तमाम आकाओं को.. इसके बाद प्रदेश सरकारों के सहयोग से अभियान चला अपराधियो को ढेर करने का जिसमे उत्तर प्रदेश के तमाम माफियाओं को मार गिराया गया और अपराधी तख्ती बांध कर घूमने लगे अपराध से तौबा करते हुए.. अब नजर थी देश के आंतरिक दर्द नक्सलियों पर और उनका सटीक इलाज चालू हुआ.. इसी इलाज के चलते उन्होंने टेक दिए हैं घुटने..

विदित हो कि पहले नक्सलियों के आर्थिक स्रोतों को तोड़ा गया, फिर उन्हें समर्थन देने वाले अर्बन नक्सलियों को दबोचा गया और अर्बन नक्सलियों को दबोचने के सुखद परिणाम आने शुरू हो गए हैं जो उनके पस्त होते हौसलों का प्रमाण है.. छतीसगढ़ की बस्तर पुलिस के आगे आखिरकार 4 कुख्यात नक्सलियों ने हथियार डाल ही दिए हैं जिसमें 2 नक्सली तो 11 लाख के इनामी थे और लंबे समय से वांटेड चल रहे थे.. इन दोनों के हथियार डालते ही पूरा प्रदेश खुशी से झूठ उठा क्योकि इन्होंने कई हत्या और अपहरण आदि को अंजाम दिया था .

समर्पण करने वालों में एक नक्सली कमांडर है व दूसरा सेक्शन कमांडर है.. इन के साथ 2 अन्य नक्सली हथियार डाल चुके हैं जो नवप्रवेशी थे.. इन चारों ने अब दुबारा कभी हथियार न उठाने की कसम खाई और देश के विकास में अपना अधिकतम सहयोग करने की शपथ ली है.. सूत्रों के अनुसार अभी अन्य कई और नक्सलियों द्वारा हथियार डालने की संभावना है..इन चारों के हथियार डालते ही छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की कमर टूट जैसी गयी है..इन सभी ने CRPF के DIG कोमल सिंह के आगे हथियार डाल हैं..


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