“भाजपा को हारने दो और हमे आने दो, हटा देंगे JKLF और जमात से प्रतिबन्ध”…. आने शुरू हुए ऐसे बयान

वोटो के लिए किस स्तर पर भाषा ही नहीं विचार भी चले जाएँ इसका अंदाजा लगाया जा सकता है इस नई राजनीति से .. ये वही कश्मीर है जहाँ पर पहले हिन्दुओ का सामूहिक नरसंहार कर के बचे हुए गैर मुस्लिमो को भगा दिया गया . इतना ही नहीं , उसके बाद वहां तैनात सैनिको पर लगातार गोलियां और पत्थर बरसाए जा रहे हैं . उस समय सेना के विरोध में दिल्ली तक बयानबाजी हुई और उसके चलते कई वीरों का मनोबल भी प्रभावित हुआ था , लेकिन वो आतंकियों के संहार का अपना काम करते रहे .

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इसी में से एक था JKLP अर्थात जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट जिसका मुखिया है कभी दुर्दांत आतंकी बन कर कई सैनिको की जान लेने वाला यासीन मालिक . गद्दारी और आतंक उसी यासीन की पहिचान थी जो पाकिस्तान परस्त और हिंदुस्तान विरोधी है , यही वजह है कि उसको जेल में डाला गया और उसकी लिबरेशन को बैन कर दिया गया . लेकिन हैरानी की बात ये है कि उस पर शुरू हो गई राजनीति और किया जाने लगा गया उस दरिन्दे को महिमामंडित ..

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अब महबूबा मुफ़्ती ने कहा है कि –  ‘यदि हमारी पार्टी को सत्ता मिली तो हम भाजपा के गलत कामों को खत्म करने के प्रयास करेंगे और जेईआई और जेकेएलएफ पर लगाए गए प्रतिबंध हटाएंगे।”किसी लोकतंत्र में विचारों को पनपने देना चाहिए, उन्हें रोकना नहीं चाहिए .. हैरानी की बात ये है  कि देश के खिलाफ साजिशो को भी महबूबा मुफ़्ती विचार बता रही   हैं और उसको न रोकने की पैरवी कर रही हैं . उन्होंने कहा कि अगर भाजपा हारती है और यदि उन्हें सत्ता मिली तो वह जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) और स्थानीय जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) से प्रतिबंध हटा देंगी।

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