मंदिर में बंटता प्रसाद और सदा के लिए सो जाते कई भक्त.. और जहर मिलाता वो गुरु मानता था इस्लामिक आतंकी जाकिर नाइक को

ये इस्लामिक आतंक का वो नया रूप है जिसके तहत बिना किसी बम धमाके या गोलीबारी आदि के बड़ी संख्या हैं हिन्दुओं को मौत के घाट उतारने की योजना थी. वो तो भला हो सुरक्षा एजेंसियों का जिन्होंने इस्लामिक आतंकियों की साजिश को बेनकाब करते हुए इसको अंजाम देने की कोशिश करने वाले इस्लामिक आतंकियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था. बता दें कि महाराष्ट्र ATS ने उम्मत-ए- मोहम्मदिया समूह के 10 सिलामिक आतंकियों को इस साल जनवरी में राज्य के मुंब्रा और औरंगाबाद से गिरफ्तार किया था, जो मुंबई के प्रसिद्द व ऐतिहासिक मुंबेश्वर मंदिर में भक्तों की जान लेना चाहते थे.

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अब मुंबई की एक अदालत में पुलिस ने इन आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. मुंबई की एक अदालत में दाखिल चार्जशीट के मुताबिक मुंबई स्थित मुम्बेश्वर मंदिर में नरसंहार की कथित योजना बनाने को लेकर महाराष्ट्र से गिरफ्तार आतंकवादी जाकिर नाइक से प्रेरित थे. ये आतंकी आईएस से प्रेरित एक आतंकी समूह ‘उम्मत-ए- मोहम्मदिया’ के सदस्य थे. जाकिर नाइक से प्रेरित  इन इस्लामिक आतंकियों ने मुंबई के मंदिर के प्रसाद में जहर मिलाने की योजना बनाई थी. आतंकी मंदिर में आने वाले भक्तों का नरसंहार करना चाहते थे.

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चार्जशीट में कहा गया है कि गिरफ्तार आतंकवादियों ने मंदिर के प्रसाद में जहर मिलाने की कोशिश की थी. इन लोगों ने विस्फोटक और जहर बनाने का भी प्रशिक्षण लिया था और ठाणे जिले में मुंब्रा बाईपास के नजदीक एक पहाड़ी पर विस्फोट का अभ्यास भी किया था लेकिन ATS ने उन्हें गिरफ्तार कर नरसंहार को अंजाम देने की उनकी योजना नाकाम कर दी थी. चार्जशीट के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में शामिल ताल्हा पोट्रिक ने प्रसाद में जहर मिलाने की कोशिश की थी. एटीएस ने इस समूह के नेतृत्वकर्ता के तौर पर अबू हमजा की पहचान की है. इसमें कहा गया है कि ATS ने आरोपियों की सोशल मीडिया प्रोफाइल पर नाइक की मौजूदगी वाले कई वीडियो और तस्वीरें पाई हैं. समूह के कुछ सदस्य विदेश स्थित अपने आकाओं से भी संपर्क में थे.

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