ग्रैहम स्टेंस की हत्या मामले में दारा सिंह 20 साल से जेल में है बंद. इधर प्रधानमन्त्री के हत्या की साजिश रचने वाले नक्सलियों के लिए ये रहा नया फैसला

बहुत बड़ी साजिश रची थी इन्होने . भारत के प्रधानमन्त्री की हत्या तक की साजिश रच कर बस अमली जामा पहनाना बाकी था इन्हें . पुलिस ने पूरी तैयारी भी कर डाली थी लेकिन अचानक ही बीच में आ गया सुप्रीम कोर्ट और फिर बदल गयी जांच की दिशा और दशा , साथ ही रुक गये पुलिस के कदम .. अब देश थानों से निकलने वाले पुलिस के बयान की तरफ नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से आने वाले निर्णय को ध्यान से देख रहा था और निर्णय वही आया जिसका पहले से ही कइयो को पूर्वानुमान था . जी हाँ देश ने देखा इस बीच तमाम बड़े बड़े फैसले देने वाले सुप्रीम कोर्ट का एक और फैसला .

ज्ञात हो कि खबर से पहले ध्यान देने योग्य है कि कभी धर्मांतरण की मशीन बन चुके उडीसा के ग्रैहम स्टेंस के परिवार को खत्म कर देने वाले बजरंग दल के कार्यकर्ता दारा सिंह को जहाँ पिछले लगभग 20 वर्षो से एक पल के लिए भी जेल से बाहर निकलने नहीं दिया गया वहीँ दूसरी तरफ भारत एक प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की हत्या तक की साजिश रचने वाले दुर्दांत शहरी नक्सलियों की पुलिस हिरासत के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से डाल दिया अडंगा .

सुप्रीम कोर्ट ने इस बार मोदी की हत्या की कथित साजिश रचने वाले इन शहरी नक्सलियों को हाऊस अरेस्ट में ही रखने के निर्देश दिए हैं, इनके हाऊस अरेस्ट 4 हफ्ते के लिए बढ़ा दिए गये हैं  . पुलिस कस्टडी में इन्हें जिस सच के सामने आने की आशा की जा रही थी आख़िरकार वो तमाम आशा धूमिल हो गयी है और इनको इनके घर में ही रखा जाएगा . यद्दपि सुप्रीम कोर्ट ने इन अभियुक्तों के द्वारा इनकी मनमाफिक एजेंसी द्वारा जांच करवाए जाने की मांग को ख़ारिज कर दिया है और कहा है कि उनकी गिरफ्तारी विचारों से असहमति के चलते नहीं हुई है..

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