शहरों और बड़ी बिल्डिंगों में भी फ़ैल रहा संघ.. अब करोड़पति भी सुबह देखेंगे भगवा ध्वज प्रणाम में “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” के गीत गाते हुए

हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि दुनियाभर में में हिन्दू नवचेतना का सबसे बड़ा संगठन अगर कोई है तो वो है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS . वो द्रश्य देखकर हर हिन्दू की भुजाएं फडकने लगती हैं जब सुबह आरएसएस की शाखा में संघ के स्वंयसेवक भगवा ध्वज को प्रणाम करते हैं तथा माँ भारती की वंदना करते हुए “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” गाते हैं. अब आरएसएस से जुडी बड़ी खबर सामने आई है. ये वो खबर हो जो संघ की प्रेरणा से भगवा ध्वज को, सनातनी संस्कारों को और अधिक मजबूती से जन जन तक ले जाने वाली है.

ठीक वो सब शुरू हुआ बंगाल में जो होता था कश्मीर खाली होने से पहले.. भाजपा नेताओं के घर पर लगा दिए गये हैं ये पोस्टर

खबर के मुताबिक़, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संगठन (आरएसएस) ने अब अंग्रेजी बोलने वाले, महानगरों में रहने वाले और कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वालों के बीच पैठ बनाने के लिए रणनीति तेज कर दी है. गांवों, कस्बों और जिलों में संगठन के पांव जमाने के बाद अब आरएसएस बड़े शहरों में पांव पसारने में लगा है. अब संघ की निगाह अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोगों पर हैं. इसके लिए संघ ने अपार्टमेंट्स के बीच बने पार्कों में संघ की शाखाएं लगाने का काम शुरू कर दिया है.

8 जून: बलिदान दिवस बंदा बैरागी.. सनातन के वो महानतम योद्धा जिनके बेटे को मार कर कलेजा मुँह में ठूस दिया, फिर हाथी से कुचलवा डाला.. लेकिन नहीं बने “मुसलमान”

चूँकि अपार्टमेंट्स में किसी के घुसने पर पाबंदी होती है क्योंकि ज्यादातर में सुरक्षा गार्ड्स होते हैं. इसके लिए संघ ने हर अपार्टमेंट के टावरों में एक टावर प्रमुख बनाना शुरू किया है. टावर प्रमुख की जिम्मेदारी टावर के भीतर रह रहे लोगों को संघ से जोड़ने की है. उनके ऊपर अपार्टमेंट प्रमुख बनाया जा रहा है. आरएसएस को हिंदी बोलने वाले लोगों से हटकर अब अंग्रेजी बोलने वाले, मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने वालों के बीच में ले जाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है. ऐसे लोगों को संघ की शाखा में आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.

शहरों और बड़ी बिल्डिंगों में भी फ़ैल रहा संघ.. अब करोड़पति भी सुबह देखेंगे भगवा ध्वज प्रणाम में “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” के गीत गाते हुए

संघ के सूत्रों ने बताया है कि पहले टावर में रहने वाले लोगों को शारीरिक गतिविधियों में जोड़ा जा रहा है ताकि फिटनेस के प्रति जागरूक पढ़े-लिखे शहरी लोग आकर्षित हों. ज्यादा कोशिश है कि संघ के प्रति शहरी लोगों में एक सोच जो पैदा की गई है उसको बदला जा सके. सबसे खास बात है कि रविवार को पार्कों में महिलाओं की शाखा में भी तेजी से विस्तार हो रहा है. यानी संघ की कोशिश है कि समाज का कोई तबका अछूता न रह जाए. दिल्ली, मुंबई, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद में यह काम तेजी से चल रहा है. गौरतलब है कि आरएसएस ने कई साल पहले से ही खुद का विस्तार करना शुरू कर दिया था. संघ तेजी से अपनी शाखाएं बढ़ा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच हो सके.

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए हमें सहयोग करें. नीचे लिंक पर जाऐं-

Share This Post