भारत के सेनापति का पत्थरबाजों पर आया बयान इशारा है उस आने वाले सुनहरे दिनों का जिसे देखना चाहता है हर देशभक्त

ये वो बयान है जिसको मन से सराहा है हर उस देशभक्त ने जिसको दर्द होता है देश के जवानों को पत्थर खाता देख कर.. दुश्मनों को पल भर में मसल देने वाले योद्धा जब अपने ही देश के अंदर सताए जाएं तो देशभक्तों का क्रोध स्वाभाविक है भले ही तमाम नियम और कानून से बंधे और उनका अक्षरशः पालन करने वाले हमारे जवान हंस कर हर जख्म सह लेते है .. मामला है कश्मीर के पुलवामा का जहां आतंक परस्त, पाकिस्तान प्रेमी आतंकियों की सेना से हो रही आमने सामने की मुठभेड़ में गई हैं तमाम और जानें.. सेना के लिए सामने से गोली चलते आतंकियों को मारना बाएं हाथ का खेल है पर पीछे से कथित मानवाधिकार का ढाल लगा कर पत्थर बरसाते गद्दारों से निबटने में उसको कई धर्मसंकट का सामना करना पड़ता है क्योंकि कईयो ने उन्हें बच्चे और कुछ ने उन्हें मासूम की संज्ञा दी रखी है ..

विदित हो कि देश के लिए आतंकियों से भी ज्यादा घातक बनते जा रहे पत्थरबाजों के खिलाफ भारत की सेना के सेनापति का आया है बयान जो सुनने के बाद हर देशभक्त गौरवान्वित महसूस कर रहा है .. भारत के सेनापति ने सीधे सीधे पत्थरबाजों को आतंकी बता कर सेना के इरादे साफ जाहिर कर दिए हैं .. भारत की फौज पर गोली चलाने वाले और उसी फौज पर पत्थर चलाने वालों को एक जैसा बता कर जनरल विपिन रावत जी ने असल मायनों में कह दी है भारत के जनता के मन की बात .. इतना ही नही, उन्होंने मीडिया के एक वर्ग को भी सेना के विरोध में खबर व आतंकियों के पक्ष में खबर चलाने का आरोप लगाया जिस से देश का एक बहुत बड़ा वर्ग और मीडिया का राष्ट्रभक्त तबका पूरी तरह से सहमत है..

एक समाचार चैनल को दिए गए साक्षात्कार में जनरल विपिन रावत जी ने बताया है कि ये एक भ्रामक प्रचार है कि कश्मीर में लोग सेना के चलते डर और भय के साये में जी रहे हैं ..पत्थरबाजों को साफ चेतवानी देते हुए जनरल रावत ने साफ कहा कि सेना को अपना कार्य करने दें और उसके रास्ते मे रुकावट कतई न बने क्योंकि सेना देश की रक्षा और सुरक्षा हेतु पूर्ण समर्पित है .. फौज पर फेंके गए पत्थरो को बंदूक से निकली गोली के समान बताते हुए जनरल रावत ने कहा कि ये सरासर गलत है जो अब हर हाल में रुकना चाहिए और सेना कानून व्यवस्था का पालन करवाने के लिए पूरी तरह से संकल्पित है जिस से किसी भी तरह का कोई भी समझौता बर्दाश्त नही किया जाएगा..कुल मिला कर जनरल रावत जी का ये बयान एक साफ सन्देश माना जा रहा है आतंक के उन समर्थकों के खिलाफ जो फौज पर पत्थर मार कर राष्ट्र को आघात दे रहे हैं ..

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