जिन परिस्थितियों ने वीर सावरकर ने 14 साल जेल काटी थी, उन हालातों में नेहरु 14 मिनट भी न रह पाते – उद्धव ठाकरे

ये वो इतिहास है जिस पर ऊँगली उठाना पहले शोर के साथ साम्प्रदायिकता कही जाती थी.. भारत का विभाजन क्यों हुआ और उसके असल जिम्मेदार कौन हैं इसके बजाय इस देश में नकली धर्मनिरपेक्ष छवि वालों ने केवल हिन्दुओ के दोष और दुष्प्रचार को ही अपनी राजनीती की धुरी बना कर रखा डाला था . लेकिन उस राजनीति का अंत हो कर अब सार्वजानिक रूप से दोहराए जाने लगे सच्चे इतिहास और उन वीरों के नाम जो भारत को एक और अखंड बनाये रखने के लिए जीवन भर संघर्ष किये .

विदित हो कि एक बार फिर से सावरकर जी की महिमा शिवसेना के उच्चतम स्तर से बताई गई है . सावरकर जी की प्रतिमा को दिल्ली विश्वविद्यालय में अपमानित करने वालों को जहाँ दिल्ली विश्वविद्यालय ने छात्रों ने चित्त कर दिया तो अब मुंबई भी सावरकर जी की महिमा से गूँज गई है . शिवसेना ने भारत के विभाजन के लिए सीधे सीधे नेहरू पर ऊँगली उठाते हुए कांग्रेस को इतिहास पर चर्चा की चुनौती दे डाली है जिस पर अभी तक कांग्रेस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है .

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि यदि हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर उस समय देश के प्रधानमंत्री होते तो पाकिस्तान अस्तित्व में ही नहीं आता. उन्होंने वीर सावरकर को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग की. ठाकरे ने कहा, ‘उन्हें नेहरू को वीर कहने में गुरेज नहीं होता यदि वह 14 मिनट भी जेल के भीतर सावरकर की तरह रहे होते. सावरकर 14 वर्षों तक जेल में रहे थे.’ उद्धव ठाकरे ने राहुल   गांधी पर भी चुटकी ली और कहा कि उन्हें सावरकर के बारे में बेहतर ढंग से पढना चाहिए .

 

सुदर्शन न्यूज को आर्थिक सहयोग करने के लिए नीचे लिंक पर जाएँ –

http://sudarshannews.in/donate-online/


राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने हेतु हमे आर्थिक सहयोग करे. DONATE NOW पर क्लिक करे
DONATE NOW

Share