वीरगति पाये सैनिकों को “शहीद” कहना कोई सरकारी आदेश नहीं – भारत सरकार

एक महत्वपूर्ण घटना क्रम में भारत सरकार ने एक जन सूचना के प्रतिउत्तर में कहा है कि कर्तव्य निर्वहन करते हुए वीरगति पाने वाले सैनिकों के लिए शहीद शब्द कोई सरकारी या शासकीय नही है,

उपरोक्त जनसूचना राजस्थान धौलपुर स्तिथ एक सिद्धपीठ के महंथ श्री बजरंग मुनि ने भारत सरकार से मांगी थी कि वीरगति पाने वाले जवानो को शहीद किसके निर्देश पर कहा जाता है जिसके उत्तर पर भारत सरकार ने बताया कि वीरगति पाने वाले सैनिकों को शहीद कहना कोई सरकारी नियमावली के अंतर्गत नहीं आता .

विचारणीय है कि शहीद शब्द आज़ादी के बाद अपने कर्तव्य पर न्योछावर हुए लगभग हर जवान के साथ शहीद शब्द लगाना एक प्रथा सी हो गयी थी . महंथ बजरंग मुनि का कहना है कि शहीद शब्द इस्लाम के अनुसार इस्लाम की खातिर लड़ कर मरने वाले मुजाहिदों के लिए प्रयोग होता है तो इसे देश के लिए बलिदान हुए जवानो के लिए कैसे प्रयोग किया जा सकता है ?

महंथ बजरंग मुनि उदासीन ने आगे कहा की यदि सैनिक ही शहीद होते हैं तो या तो बुरहान जैसे कुख्यात आतंकियों को शहीद बोलने वालों को तत्काल सज़ा दी जाय या हमारे जवानों को वीरगति प्राप्त या बलिदानी बोला जाय . 

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