अमजद अली मदरसों के लिए जमा कर रहा था चंदा., सेकुलर समाज में चर्चित था चाचा के नाम से. लेकिन असल में वो था कुछ और

जहाँ देश के जांबाज़ सैनिक भारत की सीमाओं की रक्षा करने के लिए सरहदों के पार जा कर अपनी जान पर खेल रहे हैं तो वहीँ देश के अन्दर ही देश को खोखला करने के लिए वो तमाम लोग सक्रिय हो चुके हैं जिनको अगर गद्दार कहा जाय तो गलत नहीं होगा . ये वो गद्दार हैं जो देशभक्ति का लबादा ओढ़ कर जनता के आगे जाते हैं लेकिन उसके पीछे छिपा होता है वो स्याह सच जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी होगा और सवाल भी खड़ा करेगा कि विश्वास किस पर किस आधार पर किया जाय .

ज्ञात हो कि भारत की रक्षा के लिए अपनी जवानी को लगा देने वाले एक पूर्व सैनिक ने एक गद्दार को पहचान लिया और उसी जानकारी पुलिस को दी . भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण माहौल में राजस्थान के सरहदी इलाके में एक ऐसा संदिग्ध पकड़ा गया है, जो पांच मोबाइल और 14 सिम इस्तेमाल कर रहा था। जैसलमेर पुलिस के अनुसार पकड़े गए संदिग्ध व्यक्ति ने खुद को उत्तर प्रदेश निवासी अमजद अली बताया है। जैसलमेर की लाठी पुलिस ने संदिग्ध अमजद अली से पांच मोबाइल, 14 सिमकार्ड और एक कम्पास बरामद किया गया है। फिलहाल यह पता लगाने का भी प्रयास किया जा रहा है कि वह इतने मोबाइल व सिम क्यों इस्तेमाल कर रहा था।

हिरासत में आने के बाद उसने फ़ौरन ही बहाने बनाने शुरू कर दिए और खुद को इस्लामिक कार्यों को करने वाला बताया . अब तक उस से मिली जानकारी के अनुसार और अगर उसकी मानें तो वह जैसलमेर जिले में मदरसों में चंदा एकत्रित करने के लिए आया था, मगर उसकी गतिविधि संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस के साथ सुरक्षा एजेंसियां भी उससे पूछताछ करेगी। इसलिए उसे जेआईसी भेजा जा सकता है। इस पर बस को रास्ते में ही रुकवा लिया गया और जैसलमेल जिले के लाठी पुलिस थाने में सूचना दी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। गौरतलब है कि इन दिनों जैसलमेर में हाई अलर्ट है, जिसके चलते संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जैसमलेर की कई किलोमीटर सीमा से सटी हुई है।

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