उत्तर से पूरब तक हर तरफ सफाई.. अब असम में अलर्ट हैं अर्धसैनिक बल और पूरी पुलिस फ़ोर्स पुलिस. कल आयेगा बड़ा फैसला

जिस प्रकार से पूरी दृढ़ता और मजबूत इच्छाशक्ति से कश्मीर के दशको पुराने कलंक को एक झटके में अमित शाह ने साफ कर दिया है उसी प्रकार से अब उनकी नजर घूमी है पूर्वोत्तर के राज्यों में जहाँ पर जनसंख्या के असंतुलन का सबसे भयावह उदाहरण देखने को मिलेगा.. यहाँ पर हिन्दुओ की जनसंख्या वृद्धि बाकी सबसे काफी कम रही है और उसके बाद धर्मांतरण की दोहरी मार के साथ बंगलादेशी घुसपैठ की तिहरी मार पड़ रही थी जिसके चलते बोडो के कुछ समूहों ने भी अलग राह पकड़ ली थी .

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लेकिन अब केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में एक बार फिर से उठाया गया है ऐसा कदम जो केंद्र सरकार के बहुत जरूरी पूर्वोत्तर अभियान की एक झलक मानी जा रही है . यहाँ पर अवैध बंगलादेशी और रोहिग्या को निकालने के लिए लागू हुई NRC पर कल अमल किये जाने की सम्भावना है . उन तमाम लोगों के नाम और चेहरे बेनकाब हो चुके है जो पिछली सरकारों की तुष्टिकरण और वोटबैंक की नीति के चलते भारत में घुसने के बाद सभी जरूरी प्रमाणपत्र बनवा लिए थे .

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इसी के चलते वहां पर अर्धसैनिक बलों के साथ साथ असम पुलिस को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है . पुलिस की नजर चप्पे चप्पे पर होने के साथ साथ अफवाह उड़ाने वालों के खिलाफ भी है.. किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को अंजाम देने की कोशिश करने वाले को कड़ाई से निबटने के निर्देश भी जारी किये गये हैं .. 31 अगस्त को सुबह 10 बजे एनआरसी की फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी. अपुष्ट सूत्रों के अनुसार इस लिस्ट से लगभग 41 लाख लोगों को बाहर किया जा सकता है. फिलहाल इन लोगों का भविष्य अधर में अटका हुआ है. सरकार ने अगले 120 दिन में उन परिवारों को सभी संभव मदद देने का आश्वासन दिया है, जो मूल रूप से असम के निवासी हैं.

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