पहले घोषित हुआ भूमाफिया, अब साबित होगा हिस्ट्रीशीटर भी.. आज़म तेरे कितने रूप

आज़म खान— ये वो नाम है, जिसकी 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में तूती बोलती थी. ऐसा नहीं था कि आज़म की सच्चाई के बारे में किसी को जानकारी नहीं थी, हर कोई आज़म की वास्तविकता जानता था लेकिन आज़म उस समय यूपी की अखिलेश सरकार में मंत्री हुआ करते थे तो किसी की आज़म के खिलाफ चूं करने तक की हिम्मत नहीं होती थी. यहाँ तक कि आज़म प्रशासनिक अधिकारियों को भी धौंस में रखते थे.

समय बदला तथा यूपी में योगी सरकार आई. यूपी में योगी सरकार आई तो आज़म के काले साम्राज्य तथा कुकर्मों का काला चिट्ठा खुल गया. अब आज़म पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है तथा संभव है कि जल्द ही आज़म सलाखों के पीछे भी हो जाएँ. दरअसल सपा सांसद आज़म खान पहले ही भूमाफिया घोषित हो चुके हैं तथा अब हिस्ट्रीशीटर भी घोषित हो सकते हैं. यूपी पुलिस उनकी हिस्ट्रीशीट खोलने वाली है. जानकारी के मुताबिक आजम खान पर अप्रैल से अब तक 72 मामले दर्ज हो चुके हैं. इनमें अधिकतर मामले आपराधिक हैं। जमीन कब्जाने से लेकर चोरी तक के आरोप उन पर हैं.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एक बार आजम खान की हिस्‍ट्रीशीट खुलने के बाद उनकी हरकतों पर नजर रखी जाएगी. रामपुर के जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने उनकी हिस्ट्रीशीट खोलने का फैसला किया है. रामपुर डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने कहा, “चूंकि आजम खान के खिलाफ दर्ज अधिकतर मुकदमे आपराधिक हैं जैसे- जमीन कब्‍जाने और चोरी, हमने उनकी हिस्‍ट्रीशीट खोलने का फैसला किया है. जो 72 मामले दर्ज हुए हैं, पुलिस ने उनमें से 15 केस में चार्जशीट दाखिल कर दी है और बाकी मामलों में अब भी जांच जारी है.”

आजम खान के खिलाफ ताजा मुकदमा बीते गुरुवार को दर्ज किया गया. आजम और डिस्ट्रिक्‍ट म्‍यूनिसिपल बोर्ड के पूर्व एक्‍जीक्‍यूटिव अधिकारी के खिलाफ शत्रु संपत्ति कब्‍जाने और उसे जौहर यूनिवर्सिटी का हिस्‍सा बनाने का आरोप है. आजम खान जौहर विश्वविद्यालय के चांसलर भी हैं. आजम पर जमीन हड़पने, ‘आलिया मदरसा’ से किताबें चुराने और रामपुर क्लब से शेर की मूर्तियां चुराने के भी आरोप हैं.

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