राजस्थान के अजमेर में सेना के क्षेत्र से पकड़ा गया घुसपैठी बंगलादेशी चिश्ती. ढाई साल में बनवा लिए थे तमाम जरूरी परिचय पत्र

ये वो नासूर हैं जिनका यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो ये संक्रमण की तरह फ़ैल जायेंगे और प्रभावित करेंगे देश की मूल सभ्यता और संस्कृति को अपनी आतंकी और घुसपैठी सोच से.. भारत के तमाम हिस्सों से इनकी गिरफ्तारियां इस से पहले भी की गई हैं लेकिन इस बार की गिरफ्तारी कांग्रेस शासित राजस्थान से हुई है जिसका NRC पर रुख अब तक स्पष्ट नहीं है और इतना तो तय है की वो केंद्र सरकार के वर्तमान कड़े कानूनों से संतुष्ट बिलकुल नहीं है ..

इस गिरफ्तारी की एक और खासियत है की इसमें बंगलादेशी की पहिचान सेना की ख़ुफ़िया टीम ने की न कि सेकुलर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में काम कर रही पुलिस ने.. इस घुसपैठी का दुस्साहस इतना ज्यादा था की ये अपना ठिकाना भारत की सेना के क्षेत्र को बना चुका था .. लेकिन आख़िरकार ये जायदा समय तक सेना की नजरो से बच नहीं सका ..इस गिरफ्तारी के बाद सेना , रेल और अन्य सरकारी क्षेत्रों में ऐसे कई और घुसपैठियों की धरपकड की सम्भावना जताई जा रही है .

ध्यान देने योग्य है की राजस्थान में अजमेर के सैन्य क्षेत्र नसीराबाद छावनी से पकड़ा गया संदिग्ध बंगलादेशी भारतीय नागरिकता हासिल करना चाहता था। सलिए उसने पिछले ढ़ाई साल में भारत में रहकर अपनी पहचान वाले अह्म दस्तावेज तैयार करा लिये। सेना की गुप्तचर टीम द्वारा इससे पूछताछ में यह बात सामने आई है। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को नसीराबाद स्थित अजमेर रोड से संदिग्ध हालात में सेना पुलिस की मोबाइल टीम ने पकड़ा था। इसकी वास्तविक पहचान बंगलादेश में जिला मुंशीगंज के पावसर निवासी साहा सुल्ताननुल चिश्ती (37) के रूप में निकली. अब तक मिली जानकारी के अनुसार इसने 10 मार्च 2017 को भारत में प्रवेश किया था और देश के कई शहरों में रहते अजमेर दरगाह शरीफ भी आया।


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