UP पुलिस से पहले ही कराह रहा था अतीक अहमद.. अब पीछे पड़ी CBI भी

ये कभी खुद को सिकंदर समझने की शंका से ग्रसित था .. इसने अपने आगे किसी को समझा ही नहीं और कानून को न जाने क्या समझ कर उस से खेलने का शौक रखता था .. इसने दिन दहाड़े एक विधायक को भरे शहर में मरवाया था और अपने खिलाफ बोलने वाले हर किसी को ये कर दिया करता था खामोश . हिन्दुओ की पवित्र नगरी प्रयागराज के कलंक के रूप में भी ये जाना जा सकता है जिसको बड़े बड़े नेता अपने मंच के ऊपर बैठाया करते थे .. लेकिन अब इसको कानून दिखा रहा है अपना असली रंग .

विदित हो कि तीर्थराज प्रयागराज की भूमि पर योगी आदित्यनाथ सरकार के आते ही वहां की जनता को जो सबसे बड़ी राहत मिली है वो है अतीक के आतंक का अंत .. अतीक अहमद ने ऐसा कोई वर्ग नहीं था प्रयागराज का जिसको आतंकित नहीं किया था और उसके बाद भी कई स्वघोषित सेकुलर पार्टियों के लिए खास आदमी का रुतबा भी रखता था . इसको इसके कुकर्म जानते हुए भी टिकट देने वालों की होड़ मची रहती थी पर अब हो रहा वो सब कुछ जिसको कानून की भाषा में कहा जाता है न्याय होना ..

उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस अपराधी को पहले ही जमीन सुंघा रखी थी और अब CBI ने भी अपना काम शुरू कर दिया है ..  सीबीआई ने एक व्यापारी के अपहरण और उस पर हुए हमले के एक मामले में बुधवार को समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद अतीक अहमद और अन्य लोगों के प्रयागराज और लखनऊ स्थित परिसरों पर छापे मारे। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि उत्तर प्रदेश के दो शहरों में छह जगहों पर तलाशी की जा रही है। उन्होंने बताया कि इससे संबंधित जानकारी बाद में दी जाएगी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिसंबर 2018 में उत्तर प्रदेश के देवरिया जेल में रियल एस्टेट डीलर मोहित जायसवाल के साथ कथित मारपीट और अपहरण के आरोपों को लेकर अहमद के खिलाफ पिछले महीने मामला दर्ज किया था।

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