पूरे फार्म में आई मोदी सरकार.. दाऊद का भतीजा अमेरिका में व छोटा शकील का भाई आबूधाबी में गिरफ्तार. सौंपे जा सकते हैं भारत को

इस खबर को विजय माल्या से भी बड़ी खबर के रूप में देखा जा रहा है.. विदेश नीति भले ही कुछ तथाकथित बुद्धिजीवियों के निशाने पर रही हो लेकिन उसके सुखद परिणाम अब देखने को मिल रहे हैं.. पहले आर्थिक अपराधियो की शामत आई थी अब खुद को अंडरवर्ड का डॉन बताने वाले गुंडों पर आफत आई है.. कहना गलत नहीं होगा कि किसी सरकार की शक्ति क्या और कितनी होती है इसका एहसास कश्मीरी आतंकियों, गद्दार पत्थरबाजों, UP बिहार के गुंडों, आर्थिक अपराधियो के साथ अब अंडरवर्ड के लोगों को भी होने लगा है जिनके लिए विदेश की धरती भी बनती जा रही है जहन्नम के समान जहां वो छिपने कक जगह तलाश रहे हैं..

ध्यान देने योग्य है कि अंडरवर्ल्ड के दाऊद इब्राहिम को बड़े झटके लगे हैं. डॉन छोटा शकील के भाई अनवर को अबू धाबी के एयरपोर्ट पर कस्टम्स एंड अबू धाबी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।अनवर अबू धाबी से कराची के लिए उड़ान भरने आया था।उसके पास पाकिस्तान का पासपोर्ट मिला है। दूसरी तरफ दाऊद के भतीजे सोहेल शेख को अमेरिका से डिपोर्ट करके भारत लाया जा रहा है. सोहेल शेख दाऊद के भाई नुरा का बेटा है।शेख 2016 में अमेरिका में पकड़ा गया था. वह हथियारों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार हुआ था।

उधर, अनवर की गिरफ्तारी के बाद भारतीय दूतावास छोटा शकील के भाई अनवर को अपने गिरफ्त में लेने की कोशिशों में जुटा है, जबकि पाकिस्तानी दूतावास भी उसे पकड़ने की कोशिश में लगा हुआ है. पाकिस्तान का दावा है कि अनवर के पास पाकिस्तान का पासपोर्ट है, इस लिहाज से उसे सौंपा जाना चाहिए।अनवर बाबू शेख के खिलाफ पहले से ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी है. अनवर के बारे में कहा जाता है कि वह आईएसआई के साथ काम कर रहा है और भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल है।
माफिया डॉन छोटा शकील का असली नाम शकील बाबूमियां शेख है।माफिया डॉन छोटा शकील 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के मुख्य आरोपियों में से एक है. उसे अंडरवर्ल्ड के सबसे बड़े डॉन दाऊद इब्राहिम का खास आदमी माना जाता है।

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