सेना को बदनाम करने के बाद अब पार हो गयी हद, क्योकि अब बदनामी शुरू हुई इसरो की.. दुनिया को दिया जा रहा हम पर हंसने का मौका

ये वो ISRO है जिसका लोहा नासा भी मानता है . भारत को मौसम से ले कर और भी तमाम जरूरी जानकारियों को देने वाले इसरो के खिलाफ भी इसी राजनीति में निशाना लगा दिया जाएगा ये किसी की भी कल्पना से परे था . ये इतिहास में पहली बार हो रहा है जब इतना गिर गई है राजनीति कि सिर्फ एक व्यक्ति की खिलाफत करने के लिए देश की आन बान और शान सबके साथ समझौता किया जा रहा है .. इसी क्रम में अब पार हो गयी है हद .

ज्ञात हो कि भारत की सेना से जैसे ही राहुल गाँधी ने सबूत मांगे उसके बाद से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बदजुबानी बेकाबू हो चुकी है . ये विरोध भारतीय जनता पार्टी से चल कर अब राष्ट्र का विरोध बन चुका है .. राहुल गाँधी से मिले इशारे के बाद अब नवजोत सिंह सिद्धू ने खुल कर ताल ठोंक दी है और उनके बयानों को अब तक भले ही पाकिस्तान में भारत के खिलाफ ही हथियार बना कर बताया जा रहा था लेकिन अब उनके बयान से भारत पर हंस रहा होगा संसार .

इससे पहले भी सिद्धू एयरस्‍ट्राइक पर सवाल उठा चुके हैं. उन्‍होंने ट्वीट करके सवाल किया, ‘पीओके में 300 आतंकी मारे गए, हां या ना? उन्‍होंने लिखा कि एयर स्‍ट्राइक का मकसद क्‍या था? क्‍या आपने आतंकी मारे या पेड़ गिराये? क्‍या यह चुनावी हथकंडा है?’ लेकिन अब उन्होंने इसरो पर भी वार करते हुए कहा है कि – देश में 48 सेटेलाइट हैं. लेकिन सरकार को पेड़ और मकानों में अंतर पता नहीं है. 48 सैटेलाइट हैं, लेकिन उन्हें पेड़ और मकान की सरंचना के बीच फर्क नहीं पता है… इस बयान से इसरो की छवि को धक्का पहुचने का प्रयास किया गया है और एक बार  फिर से बन चुका है ये बयान विवाद का विषय .

Share This Post