सिविल सर्विस डे के मौके पर पीएम मोदी ने अफसरों को किया सम्बोधित, दिया जनता तक पहुंचने का मंत्र

नई दिल्ली : सिविल सर्विस डे के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफसरों को सम्बोधित किया और इस मौके पर जवानों के लिए पीएम मोदी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि हमारे फौजी कश्मीर में बाढ़ आने पर लोगों की जान बचाते हैं, लोग उनके लिए तालियां बजाते हैं और फिर उन्ही हाथों से बाद में हमारे फौजी पत्थर भी खाते हैं। 
पीएम मोदी का कहना है कि सभी को आत्मचिंतन करना चाहिए, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। पीएम मोदी का कहना है कि 20 साल पहले और आज के हालात में काफी अंतर है। अब तक अफसरों को अपनी शक्ति का एहसास हो जाना चाहिए। पिछले 15 -20 वर्षो में कार्यशैली में बहुत बदलाव हो गया है जिसके चलते जिम्मेदारियों का बोझ भी बढ़ा है। हालातों के चलते हमे भी अपनी कार्यशैली में भी बदलाव लाना चाहिए सरकार के रहते हुए लोगों को बोझ का एहसास नहीं होना चाहिए।
पीएम मोदी जी का कहना है कि सिर्फ सर्वश्रेष्ठ होने से काम नहीं चलेगा अगर सर्वश्रेष्ठ होने का ठप्पा आप पर लगा है तो उसे आदत बनाना जरुरी है। मुझे अगले साल तक काम की क्वालिटी में बदलाव चाहिए। महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए मोदी जी ने कहा कि अफसरों को गृहणियों से सीखने की जरूरत है कि किस तरह वह हर परेशानियों के बावजूद सभी चीज़ो को मैनेज करती और परिवार को उचाईयो की और ले जाती है उसी तरह आपको भी कार्य करना चाहिए। 
इसके साथ ही उनका कहना है कि वरियता क्रम का बोझ अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा है, हमें अपने अनुभव को बोझ नहीं बनने देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा की हमें गर्व होना चाहिए कि जो काम मैंने किया उस काम को अब मेरे जूनियर आगे बढ़ा रहे है, हम सभी एक साथ मिलकर काम करना चाहिए। सिविल सर्विस की सबसे बड़ी ताकत को खोने नहीं देना, अफसरों की सबसे बड़ी ताकत अनामिका है। जो कि अफसर की सोच और उसके विजन को दर्शाती है।
इसके साथ ही पीएम मोदी का कहना है कि मैं सोशल मीडिया की ताकत को जानता हूं, सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जागरुक किया जा सकता है। जिला लेवल के अफसर भी इसका फायदा उठा सकते हैं, वह अफसर इसका फायदा भी उठा रहे हैं। आगे पीएम ने कहा कि काम के दौरान सोशल मीडिया पर प्रचार करना जरूरी नहीं है, यदि मै आपकी तरह अफसर होता तो आज सचिव के पद पर होता, 16 साल की नौकरी के बाद आपके बराबर पहुंच पाता। मैंने बैठक के दौरान मोबाइल पर रोक लगाई। हर किसी को यह करना कि देश मेरा है, सरकार मेरी है। सभी लोगों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए।
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