उधर राजनीति में फंसा हुआ है राफेल, इधर एक और मिग विमान दुर्घटनाग्रस्त. सैनिको की जान पर राजनीति के दांव

MIG-21 भारत का बेहद की पुराना विमान है जो वर्तमान हालातों में बेहद ही कमजोर माना जाता है. अक्सर MIG-21 के क्रैश होने की खबरें आती रहती हैं. यहाँ ये भी बता दें कि इसी MIG-21 की जगह भारत सरकार राफेल को लेकर आ रही है. भारत सरकार को पता है कि विपरीत परिस्थितियों में मिग-21 धोखा दे सकता है, इसलिए सरकार ने फ़्रांस से राफेल विमान डील की. वही राफेल डील..जिसे लेकर कांग्रेस सहित संपूर्ण विपक्ष पिछले कुछ समय से जबरदस्त हंगामा मचाये जा रहा है. जब देश में कांग्रेस की सरकार रही तब वायुसेना की मांग के बाद भी राफेल डील को अमलीजामा नहीं पहिनाया जा सका.

इसके बाद जब मोदी सरकार ने फ्रांस से राफेल डील की तो अपने राजनैतिक फायदे के लिए कांग्रेस तथा विपक्षी राफेल डील के खिलाफ तनकर खड़े हो गये. विपक्ष पूरी तरह इस कोशिश में लगा रहा कि राफेल डील न हो. जबकि विपक्ष अच्छी तरह से जानता है कि राफेल के आने से भारतीय वायुसेना मजबूत होगी लेकिन वह अपने फायदे के लिए वायुसेना को मजबूत नहीं होने देना चाहता. यही कारण है कि न चाहते हुए भी भारतीय वायुसेना को मिग-21 ला उपयोग करना पड़ रहा है.

एक बार फिर से एक मिग नियमित उड़ान और अभ्यास सत्र के दौरान फिर से दुर्घटना ग्रस्त हुआ है . ये सौभाग्य का विषय है कि इस बार विमान किसी युद्ध मोर्चे पर नहीं बल्कि नियमित अभ्यास उड़ान पर था . दूसरे सौभाग्य का विषय ये है कि इस बार मिग के पायलट सुरक्षित हैं और वो सही सलामत हैं . विमान क्यों गिरा इसकी जांच करवाई जा रही है . पूरे देश ने देखा है कि राफेल डील को खटाई में डालने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने किस तरह से संसद से लेकर सड़क तक हंगामा किया. ऐसी ऐसी जानकारियाँ लीक की गईं जो किसी देश की सुरक्षा तथा दूसरे देश से संबंधों के लिहाज से बेहद ही अहम् होती हैं.

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