“हिन्दू आतंकी नहीं होता”.. नरेंद्र मोदी के इस शब्द को पचा नहीं पा रहा विपक्ष और साबित करना चाहता है कि मोदी झूठ बोल रहे हैं

कल 1 अप्रैल को प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने हिंदवा सूर्य छत्रपति शिवाजी महाराज की पावन भूमि महाराष्ट्र के वर्धा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस तथा उसके साथियों पर करारा हमला बोलते हुए कहा था कि कांग्रेस के सभी नेता कान खोलकर सुन लें, हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता. प्रधानमन्त्री मोदी ने ये बयान कांग्रेस तथा विपक्ष के उन बयानों के जवाब में दिया था जब UPA सरकार के दौरान हिन्दू आतंकवाद-भगवा आतंकवाद जैसे बयान दिए गये थे तथा संपूर्ण हिन्दू समाज को कलंकित करने का नापाक प्रयास किया गया था.

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पीएम मोदी के इस बयान के बाद विपक्ष एक बार फिर से हिन्दुओं को आतंकी बताने पर आमादा हो गया है. हिन्दू आतंकी नहीं होता पीएम मोदी के इस बयान को विपक्ष पचा नहीं पा रहा है तथा विपक्ष के तमाम नेता तथा उनके हितैषी कथित बुद्धिजीवी लोग, बॉलीवुड के लोग पीएम मोदी के इस बयान के बाद हिन्दुओं को निशाना बना रहे हैं तथा हिन्दुओं को आतंकी साबित करने का प्रयास कर रहे हैं. इसके लिए वही घिसा पिटा तर्क दिया जा रहा हैम जिसे देश की जनता पहले भी खारिज कर चुकी है. पीएम मोदी के बयान के बाद तमाम हिन्दू विरोधी मानसिकता वाले लोग मोहनदास करमचंद गांधी का वध करने वाले नाथूराम गोडसे की आड़ में हिन्दुओं को आतंकी बता रहे हैं.

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कल से ही हिन्दू विरोधी मानसकिता वाले लोगों द्वारा कहा जा रहा है कि नाथूराम गोडसे हिन्दू आतंकवादी था. इन लोगों का निशाना सिर्फ गोडसे मात्र नहीं है बल्कि इस कुतर्क के बहाने उनकी ये मंशा साफ़ दिखाई दे रही है कि हिन्दू आतंकी होता है. ये लोग इस बात को भी जानते हैं कि देश का हिन्दू जाग चुका है, इसलिए ये खुलकर हिन्दू को आतंकी कहने के बजाय गोडसे की आड़ में किसी भी प्रकार हिन्दुओं को आतंकी बताने पर तुले हुए हैं. इनको ये बात स्वीकार ही नहीं हो पा रही है कि आखिर पीएम मोदी ने ऐसा क्यों कह दिया कि हिन्दू आतंकी नहीं होता. अब ये हिन्दू विरोधी गैंग गोडसे को निशाना बनाकर ये बता रही है कि हिन्दू आतंकी होता है. स्पष्ट है कि इनका निशाना सिर्फ गोडसे नहीं है बल्कि पूरा हिन्दू समाज है.

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बता दें कि कांग्रेस को निशाने पर रखते हुए मोदी ने वर्धा रैली में कहा था कि दुनिया के सबसे शांतिप्रिय हिन्दू समुदाय को आतंकी बताकर हिन्दुओं को बदनाम करने का प्रयास किया था. पीएम मोदी ने रैली में बैठे लोगों से सवाल किया था कि हजारों सालों के इतिहास में हिंदुओं के आतंकवाद की कोई घटना है क्या? अंग्रेज इतिहासकारों ने भी ऐसा नहीं किया. हमारी 5,000 साल पुरानी सभ्यता पर कलंक किसने लगाया? ऐसी कांग्रेस को माफ कर सकते हैं क्या? लेकिन अब हिंदू जाग चुका है. इसलिए जहां हिंदू आबादी अधिक है, वहां वह चुनाव नहीं लड़ सकते. इस बात को कांग्रेस भी समझ रही है कि देश ने उसे सबक सिखाने का मन बना लिया है. अब वह मैदान छोड़कर भागने लगे हैं, इसलिए ऐसी जगह भागे हैं, जहां हिंदुओं की आबादी कम है और बहुतायत में अल्पसंख्यक हैं.

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