जाकिर प्रेमी स्कूल में जो पढ़ाया जाता था उस से पुलिस भी है हैरान… पढ़िये आतंक के स्कूल का असल सच

केरल में मुस्लिम कट्टरवाद की जड़े मजबूत होते जा रही है। यहाँ इस्लामिक कट्टरवाद फैलानेवालों के बड़े-बड़े पोस्टर और कटआउट सड़कों और चौराहों पर उसी तरह से लगे हुए होते हैं जैसे फिल्मी सितारों के लगे होते हैं। केरल की जनसँख्या में लगभग 25% से अधिक मुस्लिम आबादी है। जिन्होंने पुरे केरल में आतंक मचा रखा है। लवजिहाद और धर्मांतरण के सबसे अधिक मामले केरल में घटित होते है। यहाँ मिस्र के इस्लामी स्कूलों से प्रभावित हो कर बच्चों के कई स्कूल स्थापित किए गए हैं जिनमें धार्मिक कटटरता का पाठ पढ़ाया जाता है।

बता दे की केरल से बहुत से युवा isis की ब्रिगेड में भी शामिल हो रहे है।

  केरल सरकार ने कोच्चि के एक ऐसे ही स्कूल को सांप्रदायिक पाठ पढ़ाने के आरोप में बंद करने के आदेश दिए हैं। स्कूल पर जिला कलेक्टर और शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री पी विजयन ने एर्नाकुलम स्थित ‘पीस इंटरनेशनल स्कूल’ को बंद करने का निर्देश जारी किया है। यह स्कूल अपने पाठ्यक्रम में आपत्तिजनक और गैर-धर्मनिरपेक्ष पाठ पढ़ाने के लिए पहले से जांच के दायरे में थी।

कोझीकोड स्थित पीस फाउंडेशन ‘पीस इंटरनेशनल’ के नाम से 10 से ज्यादा स्कूलों का संचालन करता है। शिक्षा विभाग की जांच में पाया गया कि स्कूल एनसीईआरटी, सीबीएसई या राज्य सरकार की किताबों से पढ़ाई नहीं करवाता। सीएम के निर्देश क्या अन्य स्कूलों पर भी लागू किए जाएंगे यह सरकारी आदेश जारी होने के बाद पता चलेगा।

 स्कूल के खिलाफ शिकायत मिली थी कि स्कूल का पाठ्यक्रम इस्लाम की कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देता है।

इस शिकायत के बाद पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिपल, प्रशासक और प्रबंधन समिति के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि चक्करापरंबु में बंद किए गए स्कूल के छात्रों को इलाके के अन्य स्कूलों में भर्ती कराया जाए।

राज्य शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट में लिखा है कि किसी एक धर्म को बढ़ावा देने की पढ़ाई कराने वाला पाठ्यक्रम शिक्षा के अधिकारों के खिलाफ है। जांच एजेंसियों ने मुताबिक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के साथ कथित संबंधों में एनआईए की जांच का सामना कर रहे अब्दुल रशीद और यास्मिन अहमेद ने इस स्कूल में काम करते थे।

पुलिस की जांच में पता चला है कि यह स्कूल नवी मुंबई स्थित इस्लामिक शिक्षण संस्थान ‘बुरूज रियलाइजेशन’ द्वारा संकलित किताबों को स्कूल में पढ़ाता था। इन किताबों को तैयार करनेवाले तीन लोगों को कोच्चि पुलिस ने गिरफ्तार किया। इन पर विवादित इस्लामिक धर्म प्रचारक जाकिर नाईक से संबंध होने के आरोप हैं।

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