भारत के लिए जीवन समर्पित करने वाले वैज्ञानिक को तड़पाया गया नेताजी सुभाष की तरह.. 24 साल बाद सम्मान दिया मोदी ने

राष्ट्रपुत्र नेताजी सुभाषचन्द्र बोस.. जिनके नाम से ही ब्रिटिश साम्राज्य कांपता था, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस.. जिन्होंने माँ भारती के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था.. उन नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के साथ किस तरह का सुलूक किया गया, देश अच्छी तरह से जानता है. ठीक इसी तरह इसरो के वैज्ञानिक एस. नंबी नारायणन, जिन्होंने हिंदुस्तान के लिए पूरा जीवन लगा दिया, उनको भी नेताजी सुभाष की तरह तड़पाया गया, राजनीति से प्रेरित होकर महान वैज्ञानिक एस. नंबी नारायणन को जेल में  डाल दिया गया. लेकिन 24 साल बाद मोदी  सरकार ने वैज्ञानिक एस. नंबी नारायणन को सम्मान दिया है.

जी हाँ..आपको बता दें कि मोदी सरकार ने इस बार गणतंत्र दिवस पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र यानि कि इसरो के पूर्व वैज्ञानिक एस. नंबी नारायणन को पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया है. नांबी नारायणन ने पद्म भूषण मिलने पर संतोष और हर्ष जताते हुए कहा कि आखिरकार भारतीय अंतरिक्ष के क्षेत्र में उनके काम को मान्यता मिल ही गई. उन्होंने कहा कि उनके काम से ज्यादा वह जासूसी के आरोपों से लोग उन्हें जानने लगे थे,  लेकिन अब उन्हें खुशी है कि सरकार ने उनके काम को मान्यता प्रदान की है. उन्होंने कहा कि देश के हित के लिए जो   भी बन पड़ा उन्होंने किया लेकिन अफ़सोस लोग उनको जासूसी के काम से जानते थे. लेकिन आज वह खुश हैं कि भारत सरकार ने उनके काम को सराहा है, सम्मान दिया है.

बता दें कि 1994 में नंबी नारायणन पर जासूसी के आरोप लगे थे तथा उन्हें गिरफ्तार किया गया था. ये जासूसी मामला भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के कुछ गोपनीय दस्तावेज दूसरे देशों को पहुंचाने के आरोपों से जुड़ा था. दो वैज्ञानिकों और चार अन्य पर आरोप लगाये गये थे. अन्य में मालदीव की दो महिलाओं के भी नाम थे. हालांकि उच्चतम न्यायालय ने 14 सितंबर 2018 को वैज्ञानिक को गिरफ्तार करने और उनका उत्पीड़न करने के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया था. शीर्ष अदालत ने केरल सरकार से वैज्ञानिक नंबी नारायण के अपमान की भरपाई के लिए 50 लाख रुपये देने का आदेश दिया था.

इसके बाद कल केरल के त्रिशूर में एक सभा के दौरान प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस नीत यूडीएफ को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नांबी नारायणन को जासूसी मामले में फंसाकर कुछ नेताओं ने राजनीतिक दुश्मनी निकालने की कोशिश की. प्रधानमन्त्री मोदी ने कहा कि नारायणन को झूठे मामले में फंसाया गया था और उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित करने का अवसर मिलना उनकी सरकार के लिए गौरव की बात है.

यूडीएफ पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, ‘‘कुछ साल पहले परिश्रमी और देशभक्त इसरो वैज्ञानिक नांबी नारायणन को इसलिए झूठे मामले में फंसा दिया गया क्योंकि कुछ यूडीएफ नेता राजनीतिक दुश्मनी निकालना चाहते थे.’’ पीएम मोदी ने कहा, ‘‘कल्पना कीजिए कि उन्होंने अपने फायदे के लिए देश हित को नुकसान पहुंचाया. यह सम्मान की बात है कि हमारी सरकार को नांबी नारायणन को पद्म पुरस्कार देने का अवसर मिला.’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनके लिए विज्ञान जासूसी के लिए है, लेकिन हमारे लिए विज्ञान गौरव की बात है. उनके लिए सोलर घोटाले का विषय है लेकिन हमारे लिए यह विकास की बात है.’’

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