इस बार पकड़ी गई पाकिस्तान की महिला जासूस.. पड़ोसी मानते थे उसको बेहद शरीफ और इज्जतदार महिला

पाकिस्तानी महिला कासमा औसाफ 1986 में पाकिस्तान से हिंदुस्तान आई तथा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रहने लगी. उसके पड़ोसी उसको बेहद ही तथा इज्जतदार महिला मानते थे लेकिन उस महिला का क्या उद्देश्य था, ये किसी को मालूम नहीं था. अब उस महिला के बारे में चौकाने वाला खुलासा हुआ है. जी हाँ कासमा औसाफ को लखनऊ के नाका थाना क्षेत्र में रहते हुए 30 साल से ज्यादा हो गये है और अब पता चला है कि महिला फर्जी पते पर पासपोर्ट बनवाकर एक विशेष साजिश के तहत यहाँ रह रही थी.

फर्जी पते से पासपोर्ट बनाने के मामले की जानकारी मिलते ही खुफिया एजेंसियों के कान खड़े हो गए है. पुलिस और खुफिया एजेंसियां जांच कर रही हैं. प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि काशफा अपनी बेटी व दामाद के साथ गोमतीनगर विस्तार स्थित ग्रीनवुड अपार्टमेंट में रहती हैं. उसका जेठ गुलाम जिलानी से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है. गुलाम जिलानी का आरोप है कि काशफा मूलत: पाकिस्तानी हैं. उनका जन्म वर्ष 1693 में पाकिस्तान में हुआ था. 12 दिसंबर 1982 में गुलाम जिलानी का निकाह हुआ. निकाह में शामिल होने के लिए काशफा पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत आईं और कुछ दिन बाद लौट गईं.

गुलाम जिलानी ने बताया है कि वर्ष 1986 में वह फिर पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत आईं और मंसूर मंजिल स्थित गुलाम वारिस खां की संपत्ति पर कब्जा करने की नियत से उनसे निकाह कर लिया. फिलहाल गुलाम वारिस खां का इंतकाल हो चुका है. गुलाम जिलानी का आरोप है कि कासमा ने अपना पाकिस्तानी पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज नष्ट कर दिए. 23 दिसंबर 1987 को काशफा ने फर्जी कागजातों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया. उन्होंने पासपोर्ट के आवेदन पत्र में अपना जन्मस्थान प्रतापगढ़ व स्थायी पता चारबाग में अली बाबा मस्जिद खम्मन पीर दर्शाया है जो फर्जी है.

गुलाम जिलानी ने पुलिस को बताया है कि कासमा इस पते पर कभी रही ही नहीं. उसने चार बार पासपोर्ट का नवीनीकरण कराया, जिसमें से अंतिम पासपोर्ट सात मई 2018 का है. उक्त पासपोर्ट पर उसने अपने स्वर्गीय पति गुलाम वारिस खां के निवास स्थान मंसूर मंजिल न्यू गणेशगंज का पता लिखवाया है. गुलाम जिलानी का कहना है कि काशफा औसाफ ने सदर तहसील के राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से उनके छोटे भाई गुलाम वारिस खां की संपत्ति को अपने नाम दर्ज करा लिया है. उन्होंने काशफा औसाफ के पासपोर्ट की जांच कराने और उनके खिलाफ भारतीय नागरिकता अधिनियम वर्ष 1955 के उल्लंघन के तहत कार्रवाई करने और संपत्ति से उनका नाम खारिज करने की मांग की है. प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है तथा पता लगाया जा रहा है कि कासमा का उद्देश्य क्या था.

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