महबूबा के साथी ओढ़ रहे हैं भगवा.. भाजपा के साथ बढ़ गये वो जो महबूबा के साथ गाते थे पाकिस्तानी तराने

जब राष्ट्रहित में, देश की सुरक्षा के हित में, मानवता के हित में बड़े फैसले लिए जाते हैं तो कुछ परेशानियां तो आती हैं, विरोध भी होता है लेकिन इस सबके बाद भी जब आपका संकल्प मजबूत होता है तो कायनात भी आपके आगे झुकती है, न सिर्फ आपका सहयोग करती है बल्कि आपके साथ चलने भी लगती है. मोदी सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद ऐसा ही हुआ है जब पीडीपी के दो कद्दावर नेताओं ने अपने समर्थकों के साथ बीजेपी जॉइन की है.

एक समय पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के साथ आतंकी मुल्क पाकिस्तान के तराने गाने वाले पीडीपी नेताओं ने अब भगवा ओढ़ लिया है तथा भारत के विकास की यात्रा में पीएम मोदी के साथ चलने का संकल्प लिया है. बता दें कि महबूबा मुफ्ती 370 हटाए जाने के विरोध में हैं. खबर के मुताबिक़, पीडीपी के कद्दावर नेता तथा जम्मू-कश्मीर विधान परिषद के चेयरमैन हाजी इनायत अली ने कारगिल पीडीपी जिला इकाई के कुछ नेताओं, कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा का दामन थामकर महबूबा मुफ्ती को करारा झटका दिया है.

हाजी इनायत अली ने सोमवार को दिल्ली में bharteey भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर स्पष्ट संकेत दिया कि लेह के बाद अब कारगिल में भी भाजपा मजबूत हो गई है. हाजी के साथ कारगिल से पीडीपी के जिला प्रधान काचू गुलजार अहमद भी अपने समर्थकों समेत भाजपा में आ गए. हाजी इनायत अली के भाजपा में आने के बाद अब कारगिल के अन्य कुछ नेता भी जल्द सत्ताधारी पार्टी में आ सकते हैं. इनायत अली ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गजेंद्र सिंह शेखावत तथा लद्दाख से बीजेपी सांसद जम्यांग नामग्याल की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ली.

बीजेपी में शामिल होने के बाद हाजी इनायत अली ने कहा, “दो सालों में आप बदलाव देखेंगे. कई लोग जो भाजपा का आज विरोध कर रहे हैं, वे पार्टी को ज्वाइन करेंगे. उनके पास हमारे साथ आने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा.” इसके अलावा लद्दाख ऑटोनोमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल के सदस्य कारगिल निवासी मोहम्मद अली चंदन और कारगिल नगरपालिका समिति के प्रमुख जहीर हुसैन बाबर भाजपा में शामिल हुए. पीडीपी के कारगिल के नेता काचो गुलजार हुसैन, असदुल्लाह मुंशी, इब्राहिम और ताशी त्सेरिंग ने भी भाजपा ज्वाइन की.

बता दें कि मोदी सरकार ने जारी वर्ष में पहले लद्दाख को जम्मू-कश्मीर का तीसरा डिवीजन बनाकर क्षेत्र से इंसाफ किया था. इसके बाद अनुच्छेद 370 को रद्द करके जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस ले लिया गया था तथा जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन कर लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने का अहम फैसला कर लद्दाख के लोगों की दशकों पुरानी मांग को पूरा कर दिया. ऐसे में कारगिल में भी इस फैसले को लेकर बेहतर भविष्य के लिए मोदी सरकार से लोगों की उम्मीदें बुलंद हैं.

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