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राष्ट्र के रक्षकों को मोदी सरकार की सबसे बड़ी श्रद्धांजलि.. देश को समर्पित किया पहला युद्ध स्मारक

अपनी जान पर खेलकर हिंदुस्तान की रक्षा करने वाले राष्ट्र रक्षकों को प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी ने सबसे बड़ी श्रद्धांजलि समर्पित की है. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को पहला राष्ट्रीय युद्ध स्मारक समर्पित किया. इस अवसर पर रक्षा मंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी इंडिया गेट पर मौजूद रहे. उद्घाटन से पहले सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया फिर प्रधानमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित इसका उद्घाटन किया और अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की. साथ ही आसमान से हेलीकॉप्टरों के जरिए भी वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई.

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक आजादी के बाद से देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले सैनिकों के सम्मान में बनाया गया है. यह स्मारक उन सैनिकों को श्रद्धांजलि देता है, जिन्होंने 1962 में भारत-चीन युद्ध, 1947, 1965 और 1971 में भारत-पाक युद्धों, 1999 में कारगिल संघर्ष और श्रीलंका में भारतीय शांति सेना के ऑपरेशन के दौरान देश की रक्षा के लिए अपना जीवन त्याग दिया. यह युद्ध स्मारक इंडिया गेट के पास बनाया गया है. इसकी कुल लागत 176 करोड़ रुपए है. एक वैश्विक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से इसकी डिजाइन चुनी गई थी. आजादी के बाद बलिदान हुए 25,942 भारतीय सैनिकों के नाम यहां पत्थरों पर लिखे गए हैं.

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के विन्यास में चार संकेंद्री वृत्त शामिल हैं, जिनके नाम हैं ‘अमर चक्र’, ‘वीरता चक्र’, ‘त्याग चक्र’ और ‘रक्षक चक्र’. राष्ट्रीय युद्ध स्मारक परिसर में एक केंद्रीय चतुष्कोण स्तंभ, एक शाश्वत लौ, और भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना द्वारा लड़ी गई प्रसिद्ध लड़ाइयों को दर्शाती छह कांस्य भित्ति चित्र शामिल हैं. परम वीर चक्र के 21 पुरस्कार विजेताओं की अर्धप्रतिमा परम योद्धा स्टाल पर लगाई गई हैं, जिसमें तीन जीवित पुरस्कार विजेता सूबेदार (मानद कैप्टन) बाना सिंह (सेवानिवृत्त), सूबेदार मेजर योगेंद्र सिंह यादव और सूबेदार संजय कुमार शामिल हैं. राष्ट्रीय युद्ध स्मारक शहीदों को उचित श्रद्धांजलि देने के लिए एक कृतज्ञ राष्ट्र की सामूहिक आकांक्षा की परिणति का प्रतिनिधित्व करता है.

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान इसका वादा किया था और 2015 में स्वीकृति दी और आज इसका उदघाटन भी स्वयं ही किया. युद्ध स्मारक के उद्घाटन के दौरान पीएम ने कहा, ‘आज देश को राष्ट्रीय समर स्मारक मिलने जा रहा है. इस मेमोरियल को बनाने और राष्ट्र को समर्पित करने का सौभाग्य भी हमारी ही सरकार को मिला, इससे हम गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मोदी महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इस देश की सभ्यता, संस्कृति और इतिहास सबसे ऊपर है। मोदी याद रहे न रहे, परंतु इस देश के करोड़ों लोगों की तपस्या, समर्पण, वीरता और उनकी शौर्य गाथा अजर-अमर रहनी चाहिए.

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