कमलेश तिवारी पर आतंकी हमले में गिरफ्तार हुए मौलाना के सामने आ रहे हैं ये राज.. सुदर्शन के एक-एक दावे पर मुहर


इस्लामिक आतंकी दल ISIS तथा तालिबान के अंदाज में की गई हिन्दू राष्ट्रवादी नेता कमलेश तिवारी की क्रूरतम ह्त्या के आरोप में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये इस्लामिक मौलाना अनवारूल हक और मुफ्ती नईम कासमी के बारे में तमाम नए राज सामने आ रहे हैं. बता दें कि मौलाना अनवारूल हक ने चार साल पहले कमलेश तिवारी का सिर कलम करने वाले को 51 लाख और मुफ्ती नईम कासमी ने डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी.

सुदर्शन ने मौलाना अनवारुल हक़ को लेकर जो दावे किये थे, वो सभी सच साबित होते आ रहे हैं. सुदर्शन ने ही सबसे मौलाना अनवारुल हक़ का वीडियो दिखाया था, जिसमें अनवारुल हक़  कमलेश तिवारी के सर कलम पर इनाम की घोषणा करता हुआ दिखाई दिया था. अब मौलाना अनवारुल हक़ का गुजरात कनेक्शन सामने आया है. पता चला है कि अनवारूल हक के दो भाई लंबे समय से सूरत में बिस्कुट की फेरी लगाने का काम करते हैं. पुलिस को शक है कि मौलाना के भाइयों से कमलेश तिवारी की हत्या के साजिशकर्ताओं/हत्यारों के तार जुड़े हो सकते हैं. इसके अलावा पांच साल पहले बिजनौर में विस्फोट के बाद फरार हुए सिम्मी आतंकियों के साथ संबंधों की भी जांच की जा रही है.

मौलाना अनवारुल हक़ के बारे में ये भी जानकारी मिली है कि उस पर बिजनौर में जामा मस्जिद के इमाम पद पर रहते हुए जिन्न उतारने के नाम पर एक महिला के साथ दुष्कर्म करने का भी आरोप लगा था और इस मामले में वह जेल भी गया था. मौलाना अनवारुल हक़ की छवि कट्टरवादी की रही है. मौलाना अनवारुल हक़ के बारे में ये भी जानकारी मिली है कि कश्मीर में सेना पर पत्थरबाजी करने वालों की हिमायत में और उन पर पैलेट गन के इस्तेमाल के विरोध में वह प्रदर्शन भी कर चुका है.

इसके अलावा गिरफ्तार किये गये दूसरे मुफ्ती नईम कासमी का भी दामन पाक साफ नहीं है. नईम कासमी चार भाई हैं. इनके तीन बच्चे हैं. पुलिस के मुताबिक नईम कासमी पर चार मुकदमे दर्ज हैं. इनमे एक मुकदमा 2016, दो मुकदमे 2017 व एक मुकदमा 2018 में दर्ज है. यही नहीं बल्कि मुफ्ती नईम कासमी पर गुंडा एक्ट भी लगा हुआ है. मुफ्ती नईम कासमी गांव भनेड़ा में पुलिया के पास अपना निजी मदरसा चलाता है. दबी जुबान में मुफ्ती नईम के मदरसे में अवैध गतिविधियों के संचालन की भी ख़बरें हैं.

बता दें कि मौलाना अनवारूल हक के तीन और भाई हैं. एक भाई अकबर बिजनौर में परचून की दुकान करता है. बड़ा भाई असलम व इरफान दोनों भाई सूरत में बिस्कुट की फेरी लगाते हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक अनवारूल हक से दोनों भाई हर बात साझा करते हैं. पुलिस को शक है कि गुजरात से गिरफ्तार लोगों के तार मौलाना अनवारूल हक के भाइयों से जुड़े हो सकते हैं. इसके अलावा 12 सितंबर 2014 को मोहल्ला जाटान में एक मकान में बम बनाते समय विस्फोट हो गया था, तब खुलासा हुआ था मुजफ्फरनगर दंगे का बदला लेने के लिए मध्यप्रदेश की खंडवा जेल से फरार सिम्मी आतंकी यहां रह रहे थे.

उस समय पुलिस की जांच में यह बात सामने आई थी कि इन फरार आतंकियों से जुड़े स्थानीय लोगों का अनवारूल हक के पास आना जाना था. हालांकि तब पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी. एसपी संजीव त्यागी ने बताया मौलाना अनवारूल हक व नईम कासमी से जुड़े तमाम मामलों की जांच पड़ताल चल रही है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बिजनौर से विस्फोट के बाद फरार आतंकियों से मौलाना अनवारूल हक के संबंध तो नहीं थे. उस मामले की भी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है.


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