Breaking News:

किस तरह देश में जातिवाद फैला कर हिन्दुओ को लड़ा रही है केजरीवाल की आप पार्टी इसका खुलासा किया बागी आशुतोष ने

अभी भीमा कोरेगांव और सहारनपुर के तमाम दोषियों की तलाश जारी थी लेकिन उसी बीच निकल कर सामने आया है वो सच जो कही न कहीं से इन्हें आपरेट कर रहा है . अरविन्द केजरीवाल का वो काला चिट्ठा खोला है आम आदमी पार्टी के आशुतोष ने जो किसी को भी हैरान कर देने वाला है . देश जहाँ आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी तमाम समस्याओं से जूझ रहा है उसी समय देश को आंतरिक रूप से कमजोर करने के लिए जातिवाद का ये खेल आम आदमी पार्टी संचलित कर रही है इसका खुलासा होने के बाद अचानक ही देश भर में फ़ैल गयी है सनसनी और हर कोई हैरान है इस राजनैतिक खेल से . 

ज्ञात हो की कभी नक्सलियों के समर्थन के लिए तो कभी खालिस्तानियो के साथ सम्बन्धो के चलते चर्चा में आने वाली आम आदमी पार्टी पर लगा है एक बार फिर से एक नया आरोप . ये आरोप लगाने वाले कोई और नहीं बल्कि खुद आशुतोष हैं जो इस समय बागी के रूप में देखे जा सकते हैं . कश्मीर के आतंकियों तक के लिए सॉफ्ट कार्नर रखने के लिए बदनाम आम आदमी पार्टी एक बार फिर से चर्चा में है देश में जातिवाद का जहर फैलाने के लिए .  आम आदमी पार्टी से अलग होने के बाद आशुतोष ने पहली बार अरविंद केजरीवाल के नेतृत्‍व वाली इस पार्टी पर खुलेआम हमला बोला है.

उन्‍होंने कहा है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जब उन्‍हें चांदनी चौक से बतौर प्रत्‍याशी मैदान में उतारा था, तब उन पर अपने नाम के आगे ‘सरनेम’ लगाने का दवाब बनाया गया था, जबकि उन्‍होंने अपने 23 साल के पत्रकारिता करियर में ऐसा कभी नहीं किया. उन्‍होंने इसे पार्टी की वोटबैंक और कास्‍ट की पॉलिटिक्‍स बताया. आशुतोष ने ट्वीट कर ‘आप’ पर निशाना साधा. 53 वर्षीय पूर्व आप नेता ने बुधवार सुबह ट्वीट कर कहा, ‘मेरे पत्रकारिता के 23 सालों के करियर में किसी ने मेरी जाति और सरनेम नहीं पूछा. सभी मुझे मेरे नाम से जानते हैं. लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में जब मुझे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिलवाया गया तो मेरे विरोध के बावजूद मेरे सरनेम का उल्‍लेख किया गया था. बाद में मुझे कहा गया कि सर आप जीतोगे कैसे, आपकी जाति के यहां काफी वोट हैं’.  आरोप अरविन्द केजरीवाल पर ये तक कुछ लोगों ने लगाया था की दिल्ली में हुई भीम आर्मी की सभा में कई ऐसे लोग भी देखे गए थे जो आम आदमी पार्टी के समर्थक बताये जा रहे थे . बताया ये भी जा रहा है की कहीं न कहीं अरविन्द केजरीवाल भी उस सभा के विरोध में नहीं थे जो दंगाई माने जा सकने वाले चंद्रशेखर रावण के समर्थन में आयोजित की गयी थी .. 

Share This Post