शरिया कोर्ट के बाद अब मेरठ में खुली “भगवा अदालत”… जज का भी हुआ एलान

देश में बढ़ते अज रहे मजहबी कट्टरपंथ के खिलाफ अब हिन्दू समाज भी उग्र हो उठा है तथा कट्टरपंथियों के खिलाफ उठ खड़ा हो रहा है. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा देश में शरिया कोर्ट खोलने की घोषणा के बाद हिन्दू संगठनों ने भी इसके जवाब में भगवा अदालत खोलने का ऐलान कर दिया है. इधर शरिया अदालत खुली तो उधर हिन्दू संगठनों ने भी न सिर्फ भगवा खोलने का एलान किया बल्कि अदालत के जज का भी एलान कर दिया.

अखिल भारत हिंदू महासभा की तरफ से बुधवार को मेरठ में शरिया कोर्ट की तर्ज पर भारत की पहली हिंदू अदालत स्थापित करने का ऐलान किया गया. इसके लिए बाकायदा पहली न्यायाधीश एक महिला को नामित करने की घोषणा की. अखिल भारत हिन्दू महासभा ने 2 अक्टूबर को अदालत का बायलॉज सार्वजनिक करने और नाथूराम गोडसे के फांसी के दिन 15 नवंबर को यूपी के पांच अन्य जिलों में इस तरह की अदालत खोलने का दावा भी किया गया. इसके साथ ही हिन्दू महासभा की तरफ से कहा गया आज के परिक्षेप्य में कट्टरपंथी  हिंदू धर्म पर हावी होने का प्रयास कर रहे हैं जिसे वह नहीं होने देंगे तथा कट्टरपंथियों को उन्ही की भाषा में जवाब देंगे.

मेरठ में अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने बुधवार को दावा किया कि देश की पहली हिंदू अदालत की स्थापना कर दी गई है. महासभा का राष्ट्रीय पदाधिकारी अलीगढ़ निवासी डॉक्टर पूजा शकुन पांडे को पहली हिंदू जज भी घोषित कर दिया. पूजा शकुन पांडे 2 अक्टूबर को इस अदालत का बायलॉज भी पेश कर देंगी. उन्होंने बताया कि 15 नवंबर को नाथूराम गोडसे के फांसी के दिन अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, फिरोजाबाद और शिकोहाबाद में हिंदू अदालत की स्थापना कर दी जाएगी तथा जल्द 15 अदालतें स्थापित करने का लक्ष्य है. हिंदू अदालत की पहली न्यायाधीश के नाम पर नामित डॉक्टर पूजा शकुन पांडे का कहना है कि उन्होंने हिंदुओं की राजनीति की है और वह पीएचडी भी हैं. शकुन ने कहा कि वह कानून जानती हैं और इस अदालत में हर जरूरतमंद को इंसाफ दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि उनकी अदालत को उसी तरह किसी की मान्यता की जरूरत नहीं है जिस तरीके से बिना मान्यता के खुद के कानून पर शरिया अदालतें चल रही हैं वैसे ही हमारी भगवा अदालतें-हिन्दू अदालतें चलेंगी.

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