मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में माँ गंगा की लहरों पर शुरू हुई क्रूज़ सेवा.. विश्वस्तरीय “अलकनंदा-काशी क्रूज” का योगी ने किया लोकार्पण

महादेव शिव की नगरी काशी और नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी वालों के लिए ये एक ऐसी सौगात है जो उन्हें विश्व के उन्नत देशों जैसे आभास करवा रही है . माँ गंगा के तट पर बसे पवित्र नगर वाराणसी में हिन्दुओ की श्रद्धा वैदिक काल से रही है जिसके चलते वो हिन्दू समाज का श्रद्धा केंद्र हमेशा से माना जाता रहा है . उसी स्थान से खुद को प्रत्याशी बना कर मोदी ने हिन्दू समाज को एकता का संदेश देने का प्रयास किया था जो काफी हद तक सफल भी रहा है . अब वही काशी बन रही है एक नए प्रकार के शुरुआत की गवाह जिसमे वाराणसी का दर्शन सिर्फ सडक मार्ग से ही नहीं बल्कि जल मार्ग से भी हो सकेगा .

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने बहुआयामी व् बहुद्देशीय “प्रधानमंत्री स्टार्ट-अप-इंडिया” के तहत निर्मित विश्वस्तरीय “अलकनंदा-काशी क्रूज” को रविवार को हरी झंडी दिखाकर लोकार्पण किया। गंगा नदी में इस विशेष धार्मिक जल यात्रा सेवा के शुरु होने से देशी-विदेशी पर्यटक एवं श्रद्धालु प्रचीन धार्मिक नगरी के घाटों की अद्भुत छटा दीदार करने का मौका मिलेगा। इस लोकार्पण में वाराणसी के लगभग सभी सम्मानीय संत व् नगरवासियों के साथ साथ राजनैतिक क्षेत्र के वरिष्ठ लोग मौजूद रहे . तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी इस वृहद आयोजन का हिस्सा बने . 

योगी ने लोकार्पण के बाद दूल्हन की तरह सजे क्रूज की सवारी की तथा अधिकारियों और सहयोगी मंत्रियों के साथ गंगा के उस पार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गोद लिये गांव डोमरी गए। उन्होंने गांव में आयोजित जन चौपाल में भाग लिया। वाराणसी के रामनगर क्षेत्र में स्थित इस गांव में पास अगले साल 21-23 जनवरी को प्रस्तावित प्रवासी भारतीय सम्मेलन के मद्देनजर हेलीपैड बनाने की तैयारी है। अाधिकारिक सूत्रों ने बताया कि देशी-विदेशी पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को गंगा की लहरों से उत्तर प्रदेश की प्रचीन नगरी वाराणसी की धार्मिक विरासत का दर्शन कराने के लिए यह मनमोहक सेवा एक निजी कंपनी की ओर से शुरु की गई है।

क्रूज सेवा शुरु होने से यहां के लोग खासे उत्साहित हैं। देशी-विदेशी श्रद्धालु एवं पर्यटक गंगा की लहरों से ऐतिहासिक दशाश्वमेध घाट की विश्व प्रसिद्ध शाम की “गंगा आरती” एवं असि घाट पर आयोजित होने वाले ‘सुबह-ए-बनारस’ के अलावा अन्य घाटों की अद्भूत के अलावा छटा निहार सकते हैं। क्रूज पर पूजा-अर्चना एवं पार्टी करने की सुविधाएं मौजूद हैं। क्रूज पर रुद्राभिषेक करने की भी व्यवस्था की गई है। छुटपुट राजनैतिक विरोधों के बीच इस अयोजन और शुरुआत को ले कर स्थानीय निवासियों में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला और सबने इसको पावन गंगा पर सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण के रूप में माना है . 

Share This Post