नक्सल और कांग्रेस का पहली बार सामने आ रहा है कनेक्शन.. वो मामला जिसमें बहा था हिन्दुस्तानियों का ही खून

1 जनवरी को महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा में अब सनसनीखेज खुलासे हो रहे है. वही भीमा कोरेगांव हिंसा जिसे जातिगत रूप देकर भड़काया गया था तथा जिसमें हिन्दुस्तानियों का ही खून बहा था अब उस भीमा-कोरेगांव हिंसा को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. भाजपा ने आरोप लगाया है कि यह हिंसा पूर्व नियोजित थी और कांग्रेस की इसमें अहम भूमिका थी. भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस वार्ता कर एक लेटर का हवाला देते हुए कहा कि इसमें साफतौर पर लिखा है कि कांग्रेस की भीमा-कोरेगांव मामले में भूमिका थी और जिग्नेश मेवाणी बिचौलिये की भूमिका में थे. भाजपा का यह भी आरोप है कि कांग्रेस ने भीमा-कोरेगांव के लिए फंडिंग की भी बात कही थी.

संबित पात्रा ने कहा कि जिन संगठनों को खुद कांग्रेस ने बैन किया था, उन्हीं की मदद से अब कांग्रेस सत्ता में वापसी की राह तलाश रही है. संबित पात्रा ने कहा कि उनके हाथ माओवादियों की ओर से लिखा एक लेटर लगा है. इस चिट्ठी में भारत के संविधान और सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचाने की बात है. संबित ने कहा, कांग्रेस ने भीमा-कोरेगांव मामले को दलित आंदोलन की तरह रखा था, जबकि लेटर पढ़कर ये स्पष्ट हो जाता है कि भीमा-कोरेगांव का मामला कोई स्वतः हुआ दलित आंदोलन नहीं था, बल्कि पहले से नियोजित था. संबित ने कहा लेटर में इस बात के लिए तारीफ की गई है कि भीमा-कोरेगांव का प्रदर्शन कामयाब रहा. उन्होंने कहा कि भीमा-कोरेगांव में एक युवक की जान चली गई और करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया था, जबकि लेटर में इसे कामयाब प्रदर्शन बताया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि लेटर पढ़कर अहसास होता है कि इस हिंसा में लाश पर राजनीति का काम हो रहा है.
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजय रथ को रोकने के लिए कांग्रेस पर नक्सलियों की मदद ले रही है. पत्रा ने कहा कि कांग्रेस ने ऐसा 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया है. वह नक्सलियों की मदद से देश में अफरातफरी पैदा करना चाहती है. भाजपा प्रवक्ता ने कहा, महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव की घटना में दलितों को एक औजार की तरह इस्तेमाल किया गया. वहां पर जो विरोध प्रदर्शन हुआ वह स्वप्रेरित नहीं बल्कि प्रायोजित था. इस बाबत जो पत्र पात्रा ने दिखाया, वह माओवादी संगठन भाकपा (माओवादी) के नेता ने अपने साथी को लिखा था. उसमें कांग्रेस से धन मिलने की बात लिखी हुई है. इस धन से चुनाव से पहले देश में अराजकता पैदा करने की बात लिखी हुई है. संबित पात्रा ने कहा, भाजपा संपर्क और समर्थन में विश्वास रखती है तो कांग्रेस अराजकता के जरिये सत्ता पाना चाहती है. सत्ता के लिए वह किसी से भी हाथ मिला सकती है, भले ही वे नक्सली ही क्यों न हों. इससे कांग्रेस का असली चेहरा उजागर हुआ है.

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