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पहली बार किसी सांसद ने जीत लिया हिन्दुओं का दिल.. कहा- “अयोध्या में कारसेवकों का नरसंहार भी था मॉब लिंचिंग”

देश में एक विशेष मुद्दे को लेकर राजनीति गरमाई हुई है तथा वो मुद्दा है मॉब लिंचिंग का. सम्पूर्ण विपक्ष तथा तमाम बुद्धिजीवी केंद्र की मोदी सरकार पर मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर हमलावर हैं. विपक्ष का कहना है कि मोदी सरकार में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है तथा हिन्दू संगठन व गौरक्षक मुस्लिमों पर हमले कर रहे हैं, उनकी ह्त्या कर रहे हैं. राजस्थान के अलवर में गौत्स्कर रकबर खान की ह्त्या के बाद मॉब लिंचिंग को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है.

अब भारतीय जनता पार्टी की एक सांसद ने मॉब लिंचिंग को लेकर ऐसा बयान दिया है जो देश के करोड़ों हिन्दुओं की आवाज है. भारतीय जनता पार्टी की सांसद मीनाक्षी लिखी ने कहा है कि मॉब लिंचिंग पर बहस करने वाले बताएं कि अयोध्या में कारसेवकों का नरसंहार मॉब लिंचिंग क्यों नहीं थी, गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस में ज़िंदा जलाए रामभक्तों की घटना मॉब लिंचिंग क्यों नहीं थी?  बीजेपी सांसद लेखी ने लोकसभा में शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कहा कि लिंचिंग की घटनाओं को लेकर विपक्ष का ‘आडंबर’ सामने आ गया है और इन मामलों को उठाने में ‘पिक एंड चूज’ का रवैया अपनाया जा रहा है. उन्होंन कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों और 2002 में रेल में कारसेवकों को जलाने (गोधरा कांड) के समय भी लिंचिंग की घटनाएं हुई थीं. लेखी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा राजस्थान के अलवर में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या के मामले को उठाने के संदर्भ में कहा कि प्रदेश में लिंचिंग की तीन घटनाएं सामने आई हैं.

भारतीय जनता पार्टी की सांसद तथा कद्दावर नेता मीनाक्षी कहा कि एक घटना में एक दलित लड़के को मुस्लिम लड़की से शादी करने की वजह से मार दिया गया लेकिन इन घटनाओं को नहीं उठाया जा रहा. मीनाक्षी लिखी ने कहा कि कांग्रेस तथा विपक्ष सेलेक्टिव रवैया अपना रहा है. एक घटना इन्हें मॉब लिंचिंग लगती है लेकिन दुसरी नहीं. मीनाक्षी लिखी ने कहा कि मॉब लिंचिंग पर हो हल्ला मचाने वाले याद रखें कि 1984 दंगा, कारसेवकों की ह्त्या, कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार मॉब लिंचिंग के सबसे बड़े उदाहरण ह

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