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बांग्लादेशी हिन्दुओं के लिए पहली बार आवाज उठाने वाले केन्द्रीय सत्ता के नाम बने श्री अमित साह.. दिया वो बयान जिसे सुन मुस्कुरा उठे बांग्लादेशी हिन्दू

असम NRC जारी होने के बाद बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर मचे घमासान के बीच राज्यसभा सांसद तथा भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने बड़ा बयान दिया है. अमित शाह ने कहा है कि NRC जारी के बाद वह साफ़ करना चाहते हैं कि एक भी बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को देश में नहीं रहने देंगे लेकिन साथ ही ये भी साफ़ किया कि बांग्लादेशी हिन्दुओं को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि उनका पूरा सम्मान किया जाएगा तथा उनको नागरिकता भी दी जायेगी.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि हम बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश में नहीं रहने देंगे, लेकिन जो हिंदू शरणार्थी हैं, उनको पूरा सम्मान देंगे. लिहाजा एनआरसी को लेकर हिंदू शरणार्थियों को घबराने की कतई जरूरत नहीं है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का यह बयान उत्तर प्रदेश में चल रही बीजेपी कार्यसमिति की बैठक के दौरान आया है. बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीजेपी कार्यसमिति की बैठक संपन्न हुई है. रविवार को बैठक में पहुंचे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी नेताओं को इस बार के लोकसभा चुनाव में साल 2014 से एक सीट ज्यादा जीतने का संकल्प दिलाया. शाह ने राज्य के पार्टी नेताओं से कहा कि महागठबंधन से घबराने की जरूरत नहीं है. आप मोदी और योगी सरकार की योजनाओं को जनता के बीच लेकर जाएं.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एनआरसी को देश की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया तथा कहा कि एनआरसी और घुसपैठियों का मुद्दा बीजेपी का एजेंडा नहीं है, बल्कि यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है. देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करना बीजेपी का एजेंडा नहीं हो सकता है. अमित शाह ने कहा कि , ‘आखिर कांग्रेस ने इतaने समय तक क्यों नहीं घुसपैठियों को चिन्हित किया? हमने घुसपैठियों को चिन्हित करने का साहस दिखाया और इनको वापस भेजने के लिए भी कदम उठाएंगे.’ उन्होंने यह भी दावा किया कि एनआरसी में किसी भी भारतीय का नाम नहीं छूटेगा. लेकिन ये भी कहा कि बांग्लादेशी मुस्लिमों को रहने नहीं दिया जाएगा तथा हिन्दुओं को कोई परेशानी नहीं होने दी जायेगी.

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