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केंद्रीय मंत्री के बयान से झूम उठे गौभक्त..बोले- “पत्थरबाजी को मॉब लॉन्चिंग कहने का साहस करें राजनेता”

मॉब लिंचिंग पर मचे राजनैतिक घमासान के बीच ओलम्पिक पदक विजेता निशानेबाज तथा केंद्रीय मंत्री श्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने एक बड़ा बयान दिया है, एक ऐसा बयान जिसे सुनकर जहाँ छद्म धर्मनिरपेक्ष लोगों की जुबान बंद हो गई वहीं गौभक्त खुशी से झूम उठे. केंद्रीय मंत्री राज्यबर्द्धन सिंह राठौड़ ने कहा है कि हर घटना को मॉब लिंचिंग से जोड़ने वाले राजनेताओं मैं अगर हिम्मत है तो वह कश्मीर में होने वाली पत्थरबाजी को भी मॉब लिंचिंग कहें.

केन्द्रीय मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ मॉब लिंचिंग के मामले पर कहा कि पत्थरबाजी से होने वाली मौतें भी इसके अंतर्गत आती हैं. राठौड़ ने कहा कि जब एक पुलिस वाला अपनी ड्यूटी निभाते वक्त भीड़ द्वारा मार दिया जाता है तो वह भी लिंचिंग है और जब पत्थरबाजी के दौरान कोई मारा जाता है तो वह भी लिंचिंग है.  राठौड़ ने कहा, ‘किसी भी तरह कि हिंसा से दूर रहना चाहिए और इसकी निंदा की जानी चाहिए. आप इन घटनाओं को राजनीतिक नहीं बना सकते हैं. जब एक पुलिस वाला अपनी ड्यूटी निभाते वक्त भीड़ द्वारा मार दिया जाता है तो वह भी लिंचिंग है और जब पत्थरबाजी के दौरान कोई मारा जाता है तो वह भी लिंचिंग.’

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि उच्चस्तरीय समिति पता लगाएगी कि मॉब लिंचिंग के मामलों को रोकने के लिए क्या अलग और कठोर कानून बनाने की जरूरत है, क्या पत्थरबाजी के मामले भी इसके अंतर्गत आएंगे. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि समिति सभी प्रकार की भीड़ हिंसा पर विचार नए कानून के अंतर्गत ही करेगी. पैनल अपने सभी विचार मंत्रियों के एक समूह को सौंपेगाा. जिसे चार हफ्तों के भीतर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास भेज दिया जाएगा. लेकिन मॉब लिंचिंग पर हल्ला मचने वालों को याद रखना चाहिए कि सबसे बड़ी मॉब लिंचिंग सेना के जवानों पर, पुलिस के जवानों पर पत्थरबाजी है.

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