कश्मीर की आजादी का अर्थ बता रही कांग्रेस… वो कश्मीर जिसे फौज ने सीचा है अपने लहू से

‘राहुल गांधी ने उन लोगों का समर्थन किया जिन्होंने कहा ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे और अब चिदंबरम ने ऐसा बयान दिया जिसमे उन्होंने कश्मीर की आज़ादी की बात का समर्थन किया और उसे जायज़ ठहराया है. ‘आखिर कांग्रेस क्या संदेश देना चाहती है। क्या वे राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रीयता का बलिदान करना चाहते हैं?’ अपने बयानों से कांग्रेस ये ज़ाहिर कर रही है की उनकी मानसिकता देश को एकजुट करने की नही बल्कि उसका बटवारा करने की है.

केंद्र मंत्री स्मृति ईरानी ने पी चिदंबरम के जम्मू-कश्मीर की स्वायत्तता की मांग को जायज़ ठहराने के बयान पर पलटवार करते हुए ये सब कहा. दरअसल, गुजरात के राजकोट में एक कार्यक्रम में चिदंबरम पहुंचे थे जहाँ उन्होंने कार्यक्रम में भाषण देते हुए कश्मीर मुद्दे पर कहा कि जम्मू-कश्मीर में क्षेत्रीय स्वायत्तता देने के बारे में विचार करना चाहिए। स्वायत्तता देने के बावजूद वे भारत का ही हिस्सा रहेंगे.
साथ ही ये भी कहा कि ‘जम्मू-कश्मीर के लोगों से मेरी बातचीत के जरिए मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि जब भी वे आजादी की मांग करते हैं तो दरअसल, इसमें ज्यादातर लोगों की आजादी का मतलब स्वायत्तता से होता है।’ जिसके बाद केंद्र मंत्री स्मृति ने जोरदार पलटवार किया और कहा कि यह हैरान करने वाला और घिनौना है कि पी. चिदंबरम आज भारत को टुकड़ों में तोड़ने की बात कर रहे हैं और उन लोगों को समर्थन दे रहे हैं जो वास्तव में हमारे सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर रहे हैं ताकि जम्मू-कश्मीर में कानून व्यवस्था को ध्वस्त कर सकें।’
अगर देखा जाए तो कांग्रेस के साशन काल में कश्मीर मुद्दा पनपा था. जिसका अब तक निवारण नहीं हो पाया। जहाँ एक और मोदी सरकार चाह रही है कि कश्मीर जिन परेशानियों से झूझ रहा है वे शांति से ख़त्म हो सके और कश्मीर आतंकमुक्त हो सके और भारत अभिन अंग बना रहे तो वही कांग्रेस लगातार अपने बयानों कश्मीर को भारत से अलग करने की शह दे रही है.  
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