पहले चुने हुए मुख्यमंत्री को “मौत का सौदागर”, सेना प्रमुख को “सड़क का गुंडा” और अब राज्यपाल को “कुत्ता”.. राहुल गांधी की कांग्रेस सोनिया गांधी की कांग्रेस से अलग कहाँ है?


जब सोनिया गांधी की जगह उनके पुत्र राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बने तो कहा गया कि राहुल गांधी की कांग्रेस सोनिया गांधी को कांग्रेस से अलग नजर आयेगी. अध्यक्ष बनने के बाद स्वयं राहुल गांधी ने कहा था कि अब वह कांग्रेस को पूरी तरह से बदल देंगे. राजनेताओं के साथ आम जनता को भी यही लगा कि शायद अब कांग्रेस में कुछ नया दिखाई देगा. लेकिन अभी कर्नाटक में येदियुरप्पा सरकार के पतन के बाद राज्य के महामहिम राज्यपाल के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया उससे साफ़ पता चलता है कि राहुल गांधी की कांग्रेस भी उसी रस्ते पर चल रही है जिस पर सोनिया गांधी की कांग्रेस चलती थी.

राहुल गांधी की कांग्रेस में उनके वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद कर्नाटक के महामहिम राज्यपाल श्री वजुभाई वाला को भाजपा का कुत्ता बोल दिया तथा कहा कि अब से हिन्दुस्तान में अपने वफादार कुत्ते का नाम वजुभाई वाला रखा जायेगा. अगर कोई छुटभैया नेता ये बयान देता तो शायद इससे पल्ला भी झाड़ लेती लेकिन संजय निरूपम कोई छुटभैये नेता नहीं हैं बल्कि वह मुंबई कांग्रेस कमेटी के प्रेसिडेंट हैं तथा सांसद भी रहे हैं.

राहुल गांधी की कांग्रेस में राज्यपाल को कुत्ता कहा जा रहा है अब बात करते हैं सोनिया गांधी की कांग्रेस की. जब सोनिया गांधी प्रदेश अध्यक्ष थी तो गुजरात में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान स्वयं उन्होंने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को मौत का सौदागर कहा था. 2014 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता रशीद अल्वी ने मोदी जी को यमराज कहा था. संवैधानिक पद तथा मूल्यों का सम्मान करने की बात करने वाली कांग्रेस की तरफ से ऐसे उलूल जुलूल तथा शर्मनाक बयानों का सिलसिला यहीं ख़त्म नहीं होता है बल्कि इससे और आगे भी है.

नेता तो छोड़ो, कांग्रेस ने सेना को भी नहीं छोड़ा. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पुत्र संदीप दीक्षित ने तो सेना प्रमुख जनरल विपन रावत को सड़क का गुंडा बोला था. याद कीजिये, पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि पीएम मोदी शहीदों के खून की दलाली कर रहे हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी को जहर की खेती करने वाला बोला था. यही नहीं 2017 गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमन्त्री मोदी जी को नीच कहा था. अब राहुल गांधी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को बार-2 Murder Accused (हत्यारोपी) कह रहे हैं जबकि वह अदालत से बरी हो चुके हैं. इन सब बयानों को देखें तो सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली कांग्रेस तथा राहुल गांधी की अध्यक्षता वाली कांग्रेस में कुछ भी बदलाव नजर नहीं आता है. जो सोनिया जी के शासन में हो रहा था वही राहुल जी के शासन में हो रहा है.


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