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कांग्रेस का कद्दावर नेता खड़ा हुआ खतने के साथ… बोला- “जारी रहे महिलाओं का खतना”

कांग्रेस पार्टी केंद्र की सत्ता खोने के साथ ही एक एक करके राज्यों को भी गंवाती जा रही है लेकिन उसके बाद भी वह अपनी मुस्लिम तुष्टीकरण की सोच से बाज नहीं आ रही है. मुस्लिम महिलाओं की जिन्दगी को तबाह करने वाली कुप्रथा तीन तलाक के खिलाफ लाये गये बिल को जहाँ कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल राज्यसभा में रोके हुए हैं तो वहीं कुप्रथा के नाम पर मुस्लिम बच्चियों के साथ होने वाले एक और दर्दनाक कृत्य के समर्थन में कांग्रेस खडी हो गयी है. जी हाँ, कांग्रेस ने मुस्लिम दाउदी बोहरा समाज में बच्चियों के साथ होने वाले खतना का समर्थन किया है.

आपको बता दें कि दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय की नाबालिग लड़कियों के खतना की प्रथा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई. सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ में मुस्लिम समूह की ओर से पेश हुए वकील एएम सिंघवी ने कहा कि बच्चियों के खतना को पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध कहना गलत है और अपराध गलत नीयत से होता है.उन्होंने कहा कि खतना धार्मिक रस्म है ऐसे में पुरुषों के खतना की तरह महिलाओं के खतना का भी विरोध नहीं होना चाहिए. मामले की अगली सुनवाई 6 सितंबर को होगी.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम समुदाय की ओर से वकील तथा कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि यह एक पुरानी प्रथा है जो कि जरूरी धार्मिक प्रथा का हिस्सा है और इसलिए इसकी न्यायिक पड़ताल नहीं हो सकती. सिंघवी ने कोर्ट से कहा था कि यह प्रथा संविधान के अनुच्छेद 25और 26 के तहत संरक्षित है जो कि धार्मिक स्वतंत्रता से संबंधित है.कोर्ट ने इससे असहमति जतायी और कहा था कि यह तथ्य पर्याप्त नहीं कि यह प्रथा 10वीं सदी से प्रचलित है, यह धार्मिक प्रथा का आवश्यक हिस्सा है, इसलिए इसे ख़त्म नहीं किया जा सकता.

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